UP Balwatika Lurning Corner: योगी सरकार में बालवाटिकाओं को मिलेगा ‘लर्निंग कॉर्नर’ का नया संसार, 966 पीएम श्री विद्यालयों में होगी आधुनिक व्यवस्था, ₹193 लाख की मंजूर

योगी सरकार ने वर्ष 2026-27 में 966 पीएम श्री विद्यालयों के को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में चार लर्निंग कॉर्नर विकसित करने के लिए ₹193 लाख की धनराशि मंजूर की है। रीडिंग, ब्लॉक, परफॉर्मेंस और आर्ट कॉर्नर के जरिए बच्चों को खेल और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।

UP Balwatika Lurning Corner: योगी सरकार में बालवाटिकाओं को मिलेगा ‘लर्निंग कॉर्नर’ का नया संसार, 966 पीएम श्री विद्यालयों में होगी आधुनिक व्यवस्था, ₹193 लाख की मंजूर

Uttar Pradesh Balwatika Lurning Corner || Image- IBC24 News Archive

Modified Date: September 28, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: September 28, 2026 10:30 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 966 पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर
  • चार कॉर्नर से खेल-खेल में सीखेंगे बच्चे
  • लर्निंग कॉर्नर के लिए ₹193 लाख मंजूर

Uttar Pradesh Balwatika Lurning Corner: लखनऊ: योगी सरकार ने नौनिहालों की प्रारंभिक शिक्षा को और अधिक रोचक, गतिविधि आधारित एवं बाल-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पीएम श्री योजना के अन्तर्गत वर्ष 2026-27 में 966 पीएम श्री विद्यालयों में स्थित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केंद्रों/बालवाटिकाओं में लर्निंग कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। इसके लिए ₹193 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। प्रत्येक चयनित विद्यालय के लिए ₹20,000 की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

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इन केंद्रों में बच्चों की आयु और सीखने की जरूरतों के अनुरूप रीडिंग कॉर्नर, ब्लॉक कॉर्नर, परफॉर्मेंस कॉर्नर और आर्ट कॉर्नर विकसित किए जाएंगे। 966 पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर की स्थापना से बालवाटिकाओं में बच्चों के लिए ऐसा वातावरण तैयार होगा, जहां किताब, खिलौना, कला, अभिनय और गतिविधि सीखने के माध्यम बनेंगे। योगी सरकार की यह पहल प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक जीवंत, अनुभवपरक और बच्चों की स्वाभाविक जिज्ञासा के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

खेल और गतिविधियों से सीखेंगे बच्चे, बालवाटिका बनेगी सीखने की प्रयोगशाला

Uttar Pradesh Balwatika Lurning Corner: राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। शासन के निर्देशों के अनुसार चारों लर्निंग कॉर्नर बच्चों के सामाजिक एवं संवेदनात्मक विकास, संज्ञानात्मक विकास, शारीरिक विकास तथा सूक्ष्म मांसपेशियों के विकास में सहायक होंगे। 3-5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए तैयार किए जाने वाले लर्निंग कॉर्नर में रीडिंग, ब्लॉक, परफॉर्मेंस और आर्ट गतिविधियों के लिए आयुवर्ग के अनुरूप सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

कहानी की किताबों से लेकर पजल और ब्लॉक्स तक, सीखने के लिए समृद्ध सामग्री

रीडिंग कॉर्नर में हिंदी वर्णमाला मैट, चित्रात्मक कहानी की पुस्तकें, ओपन बुक शेल्फ, चित्र एवं संख्या चार्ट और लेखन/चित्रकारी के लिए क्लिप बोर्ड जैसी सामग्री शामिल है। इसका उद्देश्य बच्चों में शब्दावली, सुनने और शुरुआती साक्षरता से जुड़ी क्षमताओं को बढ़ावा देना है। ब्लॉक कॉर्नर में बड़े फोम ब्लॉक्स, लकड़ी के ब्लॉक्स, शेप सॉर्टर, पिक्चर पजल, अल्फाबेट एवं नंबर ब्लॉक्स, स्टैकिंग टॉयज और लेसिंग बोर्ड जैसी सामग्री निर्धारित की गई है। इससे बच्चों में आकार पहचान, समस्या समाधान, स्थानिक समझ, शुरुआती साक्षरता एवं संख्याज्ञान जैसी क्षमताओं के विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

परफॉर्मेंस और आर्ट कॉर्नर से निखरेगी रचनात्मकता

Uttar Pradesh Balwatika Lurning Corner: परफॉर्मेंस कॉर्नर में बच्चों के लिए विभिन्न भूमिका-आधारित गतिविधियों से जुड़ी सामग्री रखी जाएगी। इनमें ड्रेस-अप कॉस्ट्यूम, फिंगर स्टिक पपेट, किचन प्ले सेट, सॉफ्ट डॉल, इमोशन मास्क, स्मॉल ड्रम, हैट्स एवं स्कार्फ और टॉय टेलीफोन जैसी सामग्री शामिल है। इनका उद्देश्य कल्पनाशील भूमिका-अभिनय, कहानी कहने, संवाद, सामाजिक सहभागिता और भावनात्मक विकास को बढ़ावा देना है। आर्ट कॉर्नर में नॉन-टॉक्सिक फिंगर पेंट, क्रेयॉन, चाइल्ड-सेफ ग्लू स्टिक, आर्ट शीट एवं कलर पेपर जैसी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके माध्यम से बच्चों को रचनात्मक अभिव्यक्ति और सूक्ष्म मोटर कौशल विकसित करने के अवसर मिलेंगे।

3-5 और 5-6 वर्ष के बच्चों की जरूरत के अनुसार अलग व्यवस्था

लर्निंग कॉर्नर की सामग्री आयु वर्ग के अनुरूप निर्धारित की गई है। 3-5 वर्ष और 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए अलग-अलग सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बच्चों की उम्र और विकासात्मक जरूरतों के अनुरूप गतिविधियां संचालित की जा सकें। 5-6 वर्ष के बच्चों के लिए रीडिंग कॉर्नर में शुरुआती पठन कौशल को ध्यान में रखते हुए अर्ली रीडर्स एवं द्विभाषी पुस्तकों जैसी सामग्री का प्रावधान किया गया है।

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“लर्निंग कॉर्नर से बच्चों की जिज्ञासा को मिलेगा सीखने का नया मंच”

“बालवाटिका में सीखना बच्चों के लिए जितना सहज और आनंददायक होगा, उनकी बुनियाद उतनी ही मजबूत होगी। 966 पीएम श्री विद्यालयों में लर्निंग कॉर्नर विकसित होने से नौनिहालों को पढ़ने, खेलने, कला, अभिनय और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। हमारा प्रयास है कि बच्चे अपनी स्वाभाविक जिज्ञासा के साथ सीखें और शुरुआती वर्षों में ही उनकी क्षमताओं को सही दिशा मिले।”

संदीप सिंह, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), बेसिक शिक्षा

“गतिविधि आधारित वातावरण से निखरेंगी बच्चों की सीखने की क्षमताएं”

“लर्निंग कॉर्नर में आयु वर्ग के अनुरूप निर्धारित सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि बच्चों को उनकी विकासात्मक जरूरतों के अनुसार सीखने के अवसर मिलें। रीडिंग, ब्लॉक, परफॉर्मेंस और आर्ट कॉर्नर के प्रभावी उपयोग के साथ सामग्री की उपलब्धता और गुणवत्ता की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाएगी।”

मोनिका रानी, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा

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