विपक्षी दलों के नेताओं को आस्था से जुड़े मामलों में ‘निराधार बयान’ नहीं देना चाहिए:केशव प्रसाद मौर्य

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विपक्षी दलों के नेताओं को आस्था से जुड़े मामलों में ‘निराधार बयान’ नहीं देना चाहिए:केशव प्रसाद मौर्य

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  • Publish Date - June 19, 2026 / 09:36 PM IST,
    Updated On - June 19, 2026 / 09:36 PM IST

झांसी (उप्र), 19 जून (भाषा) राम मंदिर दान निधि विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को आस्था से जुड़े मामलों में ‘निराधार बयान’ नहीं देना चाहिए।

उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना करते हुए कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद वह तृणमूल कांग्रेस से भी बदतर स्थिति में होगी।

मौर्य ने यह टिप्पणी झांसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की जहां वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पहुंचे थे।

विपक्ष खासकर सपा पर निशाना साधते हुए मौर्य ने कहा, ‘‘परिवारवाद, भ्रष्टाचार और अहंकार राजनीतिक दलों के पतन का कारण बनता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज पूरे देश में भाजपा को समर्थन मिल रहा है और कई राज्यों में हमारी सरकारें बन रही हैं। उत्तर प्रदेश में भी हम तीसरी बार सरकार बनाने जा रहे हैं।’’

राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी अनियमितता संबंधी आरोपों पर मौर्य ने कहा, ‘‘जांच के बाद दोषी पाए जाने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। लेकिन प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को आस्था से जुड़े मामलों में आधारहीन बयान नहीं देना चाहिए।’’

सपा नेताओं की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ‘‘वे राम द्रोही (भगवान राम के विरोधी) हैं।’’ उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े लोग हमेशा सम्मानित रहेंगे।

मौर्य ने मोदी के कार्यकाल को ऐतिहासिक बताया और कहा कि प्रधानमंत्री को 35 देशों का सर्वोच्च सम्मान मिल चुका है। उन्होंने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के साथ एक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

भाषा सं जफर राजकुमार संतोष

संतोष