उत्तर प्रदेश के सभी पार्कों, खेल मैदानों और खुले स्थानों की सूची तैयार किया जाए: उच्च न्यायालय
उत्तर प्रदेश के सभी पार्कों, खेल मैदानों और खुले स्थानों की सूची तैयार किया जाए: उच्च न्यायालय
लखनऊ, 11 मार्च (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों तथा अन्य निर्धारित प्राधिकरणों को निर्देश दिया है कि वे राज्य के पार्कों, खेल के मैदानों और खुले स्थानों का विवरण तैयार कर उन्हें उत्तर प्रदेश पार्क, खेल का मैदान और खुली जगह संरक्षण और विनियमन अधिनियम 1975 के तहत तैयार की जाने वाली सूची में शामिल करें।
पीठ ने 24 फरवरी को अपने आदेश में राज्य सरकार को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।
पीठ ने 1975 के अधिनियम के अंतर्गत सूचीबद्ध सभी पार्कों, खेल मैदानों और खुले स्थानों का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत करने को कहा है।
पीठ ने इस अधिनियम के तहत सूची में दर्ज सभी पार्कों, खेल के मैदानों और खुले स्थानों का विवरण मांगा है। पीठ ने सुनवाई की अगली तारीख 10 अप्रैल तय की है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति एके चौधरी की पीठ ने धर्मपाल यादव की जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ता ने लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान, पीठ को पता चला कि अधिनियम 1975 और उसके तहत 2005 में बनाए गए नियमों के तहत, सभी पार्कों, खेल के मैदानों और खुले स्थानों का विवरण एकत्र करना तथा अधिनियम 1975 की धारा तीन और चार में प्रदान की गई सूची में इसे दर्ज करना आवश्यक है, लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश के संपूर्ण पार्कों, खेल के मैदानों और खुले स्थानों के संबंध में आज तक ऐसा नहीं किया गया है।
पीठ ने कहा,‘‘इस तरह के प्रावधान के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट कारणों से पार्कों, खेल के मैदानों और खुले स्थानों को संरक्षित और विनियमित करना है।’’
याचिका में यह भी कहा गया कि यदि अधिनियम 1975 के तहत पार्क, खेल मैदान और खुले स्थान सूचीबद्ध हो जाते हैं, तो उनका उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जा सकेगा जिसके लिए उनका उपयोग 1975 से पहले किया जाता था। अन्य किसी उद्देश्य के लिए उपयोग करने के लिए निर्धारित प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
भाषा सं जफर राजकुमार
राजकुमार

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