Cyber Panchayat Lucknow Kathwara : गाँवों तक पहुंचा डिजिटल ठगों का जाल, तो लखनऊ में लगी देश की पहली ‘साइबर पंचायत’, पूरे गाँव को दिलाई गई अनोखी शपथ

लखनऊ के कठवारा गांव में आयोजित ‘साइबर पंचायत’ में ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट, OTP फ्रॉड और साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों ने साइबर अपराध मुक्त गांव बनाने की शपथ भी ली।

Cyber Panchayat Lucknow Kathwara : गाँवों तक पहुंचा डिजिटल ठगों का जाल, तो लखनऊ में लगी देश की पहली ‘साइबर पंचायत’,  पूरे गाँव को दिलाई गई अनोखी शपथ

Cyber Panchayat Lucknow Kathwara / IMAGE SOURCE : FILE

Modified Date: June 19, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: June 19, 2026 6:00 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गांव में आयोजित हुई विशेष ‘साइबर पंचायत’।
  • ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।
  • साइबर अपराध मुक्त गांव बनाने का लिया गया संकल्प।

लखनऊ : Cyber Panchayat Lucknow Kathwara साइबर ठगी का दायरा अब शहरों से निकलकर तेजी से ग्रामीण इलाकों, किसानों, गृहणियों और बुजुर्गों तक पहुँच चुका है। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य एवं नारी सशक्तीकरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ‘Psy-Naree’ ने ‘RT Cyber Academy’ के साथ मिलकर लखनऊ के बक्शी का तालाब स्थित ग्राम कठवारा में एक विशेष “साइबर पंचायत” का आयोजन किया। देश के प्रतिष्ठित साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन के मार्गदर्शन में आयोजित इस तीसरी ग्रामीण साइबर सुरक्षा कार्यशाला ने ग्रामीणों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का एक नया रास्ता दिखाया है।

कैसे करें फर्जी कॉल की पहचान

इस कार्यक्रम की मेज़बानी ‘Ikigai’ के संस्थापक एवं ‘Psy-Naree’ के मेंटर कर्नल संजीव सहाय ने की, जिन्होंने साइबर अपराध से उपजन वाले मानसिक तनाव के गहरे संबंध को रेखांकित किया। पूरी चर्चा के दौरान ग्रामीणों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि फर्जी कॉल की पहचान कैसे करें और क्यों एक OTP साझा करना जीवनभर की कमाई को मिटा सकता है।

कार्यशाला में कई मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया:

  • गोपनीयता की सुरक्षा: OTP, PIN, पासवर्ड, CVV और बैंक विवरण कभी किसी के साथ साझा न करें।
  • बढ़ते अपराधों से बचाव: पुलिस, CBI या बैंक कर्मचारी बनकर की जाने वाली ठगी, “डिजिटल अरेस्ट” और वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग से सावधान रहें।
  • म्यूल अकाउंट का खतरा: अपना बैंक खाता किसी को उधार या किराए पर देने से बचें, क्योंकि यह आपको अनजाने में अपराध का हिस्सेदार बना सकता है।
  • लालच की पहचान: फर्जी नौकरी, KYC अपडेट, लॉटरी और “पैसा दोगुना” करने वाली निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं।
  • मानसिक स्वास्थ्य: ठगी का शिकार होने पर शर्मिंदा होकर चुप बैठने के बजाय खुलकर बात करें, क्योंकि असली खतरा चुप्पी है।

कार्यक्रम में दिखाया गया लघु फिल्म

कार्यक्रम के दौरान वास्तविक घटनाओं पर आधारित लघु फिल्में भी दिखाई गईं। इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा जब साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने पूरे गाँव को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। इसे उत्तर प्रदेश के किसी भी गाँव में ली गई अपनी तरह की पहली शपथ माना जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों ने अपने परिवार और कमाई की रक्षा का संकल्प लिया। इसके अलावा, ठगी की तुरंत रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ‘National Cyber Helpline 1930’ के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से बताया गया।

साइबर अपराध-मुक्त गाँव

भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए कर्नल संजीव सहाय ने घोषणा की कि ‘Psy-Naree’, ‘Ikigai’ के सहयोग से कठवारा गाँव को पूरी तरह गोद लेकर इसे एक “साइबर अपराध-मुक्त गाँव” बनाना चाहती है। इसके साथ ही यहाँ मानसिक स्वास्थ्य और नारी सशक्तीकरण से जुड़ी निरंतर गतिविधियाँ चलाई जाएंगी, ताकि कठवारा को एक ऐसा आदर्श गाँव बनाया जा सके जिसका अनुसरण दूसरे गाँव भी कर सकें।

 


लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..