Government Employees Fired Today: सरकारी अधिकारियों को नौकरी से निकालने का आदेश, भाजपा सरकार ने अचानक लिया बड़ा फैसला, यहां के डिप्टी सीएम ने एक्स पर दी जानकारी

Government Employees Fired Today: सरकारी अधिकारियों को नौकरी से निकालने का आदेश, भाजपा सरकार ने अचानक लिया बड़ा फैसला, यहां के डिप्टी सीएम ने एक्स पर दी जानकारी

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  • Publish Date - January 13, 2026 / 11:27 AM IST,
    Updated On - January 13, 2026 / 11:29 AM IST

Government Employees Fired Today: सरकारी अधिकारियों को नौकरी से निकाले का आदेश, भाजपा सरकार ने अचानक लिया बड़ा फैसला / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • चिकित्साधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया गया
  • डॉक्टरों की सैलरी वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोक दी गई
  • लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया

लखनऊ: Government Employees Fired Today प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ड्यूटी के दौरान लापरवाही बतरने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सरकार ने ड्यूटी से गायब रहने और जिम्मेदारी का​ निर्वहन सही तरीके से नहीं करने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का आदेश दिया है। सरकार ने एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। इस बात की जानकारी खुद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दी है।

Government Employees Fired Today डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने अधिकारिक एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि चिकित्साधिकारियों द्वारा लंबे समय से अपने चिकित्सकीय उत्तरदायित्व से विरत रहने एवं चिकित्सकीय ड्यूटी से लगातार अनुपस्थित रहने का संज्ञान लेते हुए मेरे द्वारा उक्त चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने बर्खास्त होने वाले अधिकारियों की सूची जारी है।

बता दें कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लंबे समय से अनुपस्थित रहने और चिकित्सकीय कार्य में लगातार लापरवाही बरतने वाले 26 चिकित्साधिकारियों को शासकीय सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए थे। पाठक ने इस संबंध में स्वास्थ्य महानिदेशालय के संयुक्त निदेशक का स्पष्टीकरण मांगने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा कई चिकित्साधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकने और परिनिंदा प्रविष्टि दिए जाने की भी हिदायत दी थी।

इन अधिकारियों की नौकरी समाप्त

क्र० सं० पदनाम / विशेषज्ञता केंद्र का प्रकार स्थान / ब्लॉक जनपद
1 चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बनिपारा कानपुर
2 चिकित्साधिकारी अधीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली
3 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अजीत मल्ल औरैया
4 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अजीत मल्ल औरैया
5 चिकित्साधिकारी एम.बी.एस. राजकीय चिकित्सालय भदोही
6 स्त्री रोग विशेषज्ञ अधीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी बरेली
7 चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) घसारी अछल्दा औरैया
8 चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) गूरा बिधूना औरैया
9 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सैदाबाद प्रयागराज
10 चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) कैलाशपुर सहारनपुर
11 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जवां अलीगढ़
12 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रामनगर प्रयागराज
13 चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) बबीना झांसी
14 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जैदपुर बाराबंकी
15 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जयसिंहपुर सुल्तानपुर
16 चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अखंडनगर सुल्तानपुर
17 चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मीरगंज बरेली

इन अधिकारियों की वेतन वृद्धि पर रोक

  • 1. चिकित्साधिकारी, सामु०स्वा० केंद्र, हस्तिनापुर, मेरठ (2 वेतन वृद्धियां रोकने एवं परनिंदा का दण्ड)
  • 2. चिकित्साधिकारी, सामु०स्वा० केंद्र, कटेहरी, अंबेडकर नगर (1 वेतन वृद्धि रोकने एवं परनिंदा का दण्ड)
  • 3. चिकित्साधिकारी, सामु०स्वा० केंद्र, समरेर, बदायूं (1 वेतन वृद्धि रोकने एवं परनिंदा का दण्ड)
  • 4. हड्डी रोग विशेषज्ञ, सामु०स्वा० केंद्र, सिकंदरपुर, बलिया (2 वेतन वृद्धियां रोके जाने का दण्ड)
  • 5. चिकित्साधिकारी, अधीन सी०एम०ओ०, मऊ (3 वेतन वृद्धियां रोके जाने का दण्ड)

 

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यूपी सरकार ने कितने डॉक्टरों को नौकरी से निकाला है?

कुल 26 चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया है।

इन डॉक्टरों पर कार्रवाई क्यों हुई?

ये डॉक्टर लंबे समय से अपनी ड्यूटी से गायब थे और काम में लापरवाही बरत रहे थे।

इस कार्रवाई की जानकारी किसने दी?

उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने खुद सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।

क्या केवल बर्खास्तगी ही हुई है?

नहीं, कई अन्य लापरवाह डॉक्टरों की वेतन वृद्धि भी रोक दी गई है।

क्या भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई होगी?

डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि जनता की सेवा में लापरवाही करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।