नयी दिल्ली, 28 फरवरी (भाषा) केंद्रीय खेल मंत्रालय ने भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद (डीसीसीआई) को निर्देश दिया है कि वह अपने नाम या गतिविधियों में ‘इंडिया (भारत)’ या ‘इंडियन (भारतीय)’ शब्दों का उपयोग न करे, क्योंकि उसे राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
मंत्रालय ने डीसीसीआई के सचिव रवि कांत चौहान को भेजे पत्र में स्पष्ट किया कि ‘इंडिया’ या ‘इंडियन’ शब्दों का उपयोग करने की केवल उन्हीं निकायों को अनुमति है, जिन्हें सरकार से आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। इसी प्रकार के पत्र भारतीय महिला फुटबॉल महासंघ और भारतीय बॉडी बिल्डर महासंघ सहित अन्य संगठनों को भी भेजे गए हैं।
पत्र में कहा गया है, ‘‘ विभाग के संज्ञान में आया है कि आपकी संस्था, अर्थात ‘भारतीय दिव्यांग क्रिकेट परिषद’, ‘भारत’ शब्द का उपयोग कर रही है, जबकि इसे इस मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।”
मंत्रालय ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘‘आपको निर्देशित किया जाता है कि अपने संगठन के नाम और किसी भी गतिविधि में ‘इंडिया’ या ‘इंडियन’ शब्दों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करें। अनधिकृत उपयोग पर प्रचलित नियमों और लागू कानूनों के तहत उचित कार्रवाई की जा सकती है।’’
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने डीसीसीआई को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है, फिर भी उसे भारतीय बोर्ड का समर्थन प्राप्त है। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई स्वयं भी आधिकारिक रूप से राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
डीसीसीआई सचिव रवि कांत चौहान ने मंत्रालय का पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए संगठन को एनएसएफ का दर्जा देने की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ हम ही नहीं, बल्कि कई खेल निकायों को यह सूचना दी गई है कि वे ‘भारत’ शब्द का उपयोग नहीं कर सकते क्योंकि वे पंजीकृत एनएसएफ नहीं हैं। मेरा मंत्रालय से आग्रह है कि हमें एनएसएफ का दर्जा दिया जाए, क्योंकि हम देश में दिव्यांग क्रिकेट का संचालन कर रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि डीसीसीआई ने विश्व कप, एशिया कप, राष्ट्रीय टूर्नामेंट और द्विपक्षीय श्रृंखलाओं का आयोजन किया है।
उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘हमारी राष्ट्रीय टीम इंग्लैंड और श्रीलंका में भी खेल चुकी है। बीसीसीआई भी हमें मान्यता देता है।’’
चौहान ने दिव्यांग क्रिकेट संचालन का दावा करने वाले अन्य संगठनों के खिलाफ भी समान कार्रवाई की मांग की। इनमें भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ (सीएबीआई), व्हीलचेयर संघ और मूक-बधिर खिलाड़ियों के संघ शामिल हैं।
मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम लागू होने के बाद सभी खेल निकायों को मंत्रालय की स्वीकृति के लिए शीघ्र गठित किए जाने वाले राष्ट्रीय खेल बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।
मंत्रालय ने एक अन्य निर्णय में भारतीय ताइक्वांडो महासंघ की मान्यता वापस लेने का फैसला किया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय ताइक्वांडो को भी खेल की संचालन संस्था के रूप में मान्यता नहीं दी जाएगी, क्योंकि दोनों पक्ष दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार मंत्रालय के समक्ष अपना पक्ष उचित रूप से सिद्ध करने में असफल रहे।
भाषा
आनन्द पंत
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