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Indian Air Force Formations : कर्तव्य पथ पर IAF का शक्ति प्रदर्शन , गणतंत्र दिवस परेड में इन 8 फॉर्मेशन्स ने रचा इतिहास, जानें हर विमान की खासियत
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गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर भारतीय वायु सेना ने आसमान में अपनी अजेय शक्ति का प्रदर्शन किया। राफेल और सुखोई जैसे 29 लड़ाकू विमानों ने 8 विशेष फॉर्मेशन में उड़ान भरी, जिसमें 'ऑपरेशन सिंदूर' की वीरता और आधुनिक भारत की तकनीक का बेजोड़ संगम देखने को मिला।"
Publish Date - January 26, 2026 / 05:51 PM IST,
Updated On - January 26, 2026 / 05:51 PM IST
Indian Air Force Formations / Image Source : x
HIGHLIGHTS
फ्लाईपास्ट में 'सिंदूर फॉर्मेशन' ने पिछले वर्ष की सफल एयर स्ट्राइक को समर्पित 7 लड़ाकू विमानों (राफेल, सुखोई, मिग-29) का प्रदर्शन किया।
फ्लाईपास्ट का समापन राफेल विमान द्वारा की गई 'वर्टिकल चार्ली' कलाबाजी के साथ हुआ, जिसने कर्तव्य पथ पर मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।
इस वर्ष का हवाई प्रदर्शन वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभक्ति की विशेष थीम पर आधारित था।
नई दिल्ली : 77वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भारतीय वायु सेना (IAF) ने अपनी ताकत का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरी दुनिया देखती रह गई। इस बार का फ्लाईपास्ट ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता और वंदे मातरम के 150 वर्ष को समर्पित था। फ्लाईपास्ट में कुल 29 विमानों ने हिस्सा लिया, जिन्हें 8 प्रमुख फॉर्मेशन में बांटा गया था। यहाँ उन 8 फॉर्मेशन की झलकियां दी गई हैं।
परेड की हवाई शुरुआत इसी फॉर्मेशन से हुई। इसमें चार Mi-17 IV हेलीकॉप्टर शामिल थे। सबसे आगे वाले हेलीकॉप्टर ने ‘तिरंगा’ फहराया, जबकि बाकी तीन हेलीकॉप्टरों ने थल सेना, नौसेना और वायु सेना के झंडे लहराते हुए कर्तव्य पथ के ऊपर से उड़ान भरी।
यह फॉर्मेशन सेनाओं के बीच ‘जॉइंटमैनशिप’ का प्रतीक था। इसमें तीन एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) शामिल थे दो भारतीय सेना के और एक वायु सेना का। मुख्य हेलीकॉप्टर ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का झंडा थाम रखा था, जो पिछले साल की सैन्य सफलता का सम्मान था।
प्रहार के ठीक बाद गरुड़ फॉर्मेशन ने आसमान में अपनी उपस्थिति दी । इसमें ‘बैटल एरे’ के रूप में अटैक हेलीकॉप्टरों का प्रदर्शन किया गया, जो किसी भी आपातकालीन स्थिति में दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।
यह फ्लाईपास्ट का सबसे मुख्य आकर्षण था। 7 लड़ाकू विमानों का यह शक्तिशाली दस्ता ‘स्पीयरहेड’ के आकार में उड़ा। इसमें 2 राफेल , 2 सुखोई-30 MKI (Su-30 MKI), 2 मिग-29 (MiG-29), 1 जगुआर (Jaguar) ये वही विमान थे जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमले किए थे।
महान मार्शल अर्जन सिंह के नाम पर बने इस फॉर्मेशन में परिवहन विमानों की शक्ति दिखाई गई। इसमें एक C-130J सुपर हर्क्यूलिस विमान लीड रोल में था, जिसके साथ दो C-295 परिवहन विमान ‘विक’ फॉर्मेशन में उड़ रहे थे।
यह फॉर्मेशन समुद्री सुरक्षा और वायु सेना व नौसेना के तालमेल को समर्पित था। इसमें नौसेना का समुद्री जासूसी विमान P-8i सबसे आगे था, जिसके पीछे दो सुखोई-30 MKI फाइटर जेट्स ने उसकी सुरक्षा का कवच बनाया हुआ था।
इस फॉर्मेशन में 6 राफेल लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरी। यह ‘एरोहेड’ फॉर्मेशन वायु सेना की मारक क्षमता, सटीकता और तकनीक के बेजोड़ संगम का प्रदर्शन था।
फ्लाईपास्ट का भव्य समापन ‘विजय’ के साथ हुआ। इसमें एक अकेला राफेल लड़ाकू विमान 900 किमी/घंटा की रफ्तार से आया और दर्शकों के सामने ‘वर्टिकल चार्ली’ (Vertical Charlie) कलाबाजी करते हुए आसमान की ऊंचाइयों में ओझल हो गया।
गणतंत्र दिवस 2026 के फ्लाईपास्ट में कुल कितने विमान शामिल हुए?
स वर्ष के फ्लाईपास्ट में भारतीय वायु सेना के कुल 29 विमानों ने हिस्सा लिया, जिनमें राफेल, सुखोई-30 MKI और C-130J जैसे आधुनिक विमान शामिल थे।
'सिंदूर फॉर्मेशन' का क्या महत्व है?
'सिंदूर फॉर्मेशन' उन विमानों का दस्ता था जिन्होंने मई 2025 के 'ऑपरेशन सिंदूर' में हिस्सा लिया था। इसे भारतीय सैन्य साहस और सटीक मारक क्षमता के प्रतीक के रूप में प्रदर्शित किया गया।
फ्लाईपास्ट का सबसे मुख्य आकर्षण क्या था?
फ्लाईपास्ट का सबसे बड़ा आकर्षण 'विजय फॉर्मेशन' के तहत राफेल विमान द्वारा किया गया 'वर्टिकल चार्ली' युद्धाभ्यास और नौसेना के P-8i विमान के साथ सुखोई का 'वरुण फॉर्मेशन' था।