UP Property Tax OTS Scheme: UP में प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को बड़ी राहत! योगी सरकार लाई OTS योजना, 15 अगस्त से ऐसे निपटाएं पुराना बकाया

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उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर की वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने का फैसला किया है। योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी और बकायेदारों को अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी।

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 06:36 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 06:36 PM IST

UP Property Tax OTS Scheme: Image Source : FIle

HIGHLIGHTS
  • प्रॉपर्टी टैक्स के पुराने बकायेदारों को राहत का मौका।
  • 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका और 545 नगर पंचायतें योजना में शामिल।
  • बकाया चुकाने के लिए तीन किस्तों की सुविधा।

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लंबित संपत्ति कर यानी गृहकर, जलकर एवं सीवरकर की प्रभावी वसूली के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार की इस पहल से लंबे समय से संपत्ति कर के बकाये में फंसे लाखों करदाताओं को राहत मिलने के साथ ही नगरीय निकायों की वित्तीय स्थिति भी मजबूत होगी।

योजना का लाभ प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लंबित संपत्ति कर के बकायेदारों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य पुराने कर बकायों का सरल एवं व्यावहारिक तरीके से निस्तारण कराना, करदाताओं पर आर्थिक दबाव कम करना और कर संबंधी न्यायालयीय विवादों में कमी लाना है।

15 अगस्त से 15 दिसंबर तक चलेगी योजना

एकमुश्त समाधान योजना की अवधि चार माह निर्धारित की गई है और इसका क्रियान्वयन 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। नगरीय निकायों द्वारा 15 अगस्त से 14 सितंबर 2026 के बीच सभी संबंधित करदाताओं एवं हितधारकों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक पात्र करदाता योजना का लाभ उठा सकें।

तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया

वहीं करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने ओटीएस के अंतर्गत बकाया संपत्ति कर के भुगतान के लिए अधिकतम तीन किस्तों की सुविधा भी प्रदान की है। करदाता को योजना लागू होने की तिथि से 30 दिन के भीतर कुल बकाये की एक-तिहाई धनराशि जमा करनी होगी। बाकी शेष दो-तिहाई धनराशि अगले दो माह में दो मासिक किस्तों के माध्यम से जमा की जा सकेगी। इस प्रकार योजना के अंतर्गत देय संपूर्ण धनराशि का भुगतान अधिकतम तीन माह की अवधि में अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा।

निकायों की आय बढ़ेगी, शहरों में होंगे विकास कार्य

नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ओटीएस योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे लंबे समय से लंबित कर बकाये का समाधान होगा और करदाताओं को पुराने बकाये के निस्तारण का सरल अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि योजना के जरिए नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की प्रभावी एवं समयबद्ध वसूली हो सकेगी।

मंत्री एके शर्मा ने बताया कि प्राप्त राजस्व का उपयोग शहरों में सड़क, जल निकासी, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक जनसुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि नगरीय निकायों की आय के स्रोत मजबूत हों और वे अपने विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बनें। ओटीएस योजना के माध्यम से सरकार ने करदाताओं की सुविधा और नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण, दोनों को प्राथमिकता दी है।

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