जौनपुर अदालत परिसर, पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोपी गिरफ्तार: एटीएस

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जौनपुर अदालत परिसर, पुलिस लाइन को बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोपी गिरफ्तार: एटीएस

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  • Publish Date - February 22, 2026 / 10:30 PM IST,
    Updated On - February 22, 2026 / 10:30 PM IST

लखनऊ, 22 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने कथित तौर पर जौनपुर अदालत परिसर और जौनपुर पुलिस लाइन के गेट को उड़ाने की धमकी देने के आरोपी को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान में कहा गया है कि आरोपी ने धमकी इसलिए भेजी थी क्योंकि जिस महिला से वह प्यार करता था, उसकी शादी जौनपुर के एक व्यक्ति से तय हो गई थी।

एटीएस के बयान के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान आजमगढ़ जिले के निवासी विशाल रंजन के रूप में हुई है, जिसे रविवार को आजमगढ़ जिले के एक किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया।

बयान में कहा गया कि उसके पास से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, दो मेमोरी कार्ड, चार सिम कार्ड और 21,902 रुपये बरामद किए गए हैं।

बयान के अनुसार 17 फरवरी को जिला न्यायाधीश के आधिकारिक ईमेल आईडी पर पांच अलग-अलग मोबाइल नंबरों से इंटरनेट का इस्तेमाल करते हुए पांच ईमेल आईडी से धमकी मिली थी कि अगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा एक लाख रुपये नहीं भेजे गए तो जौनपुर अदालत परिसर और जौनपुर पुलिस लाइन के गेट को उड़ा दिया जाएगा।

जौनपुर के लाइन बाजार पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

एटीएस ने संदिग्ध की पहचान आज़मगढ़ के निज़ामाबाद थाना क्षेत्र के बक्शापुर निवासी के रूप में की। यह पहचान मोबाइल फोन नंबरों से जुड़े उपयोगकर्ताओं की सोशल मीडिया गतिविधियों, वीपीएन और प्रॉक्सी ई-मेल आईडी का गहन विश्लेषण करने के बाद की गई।

जब एटीएस की टीम आरोपी के किराए के आवास पर पहुंची, तो वहां से पांच मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किए गए।

पूछताछ में पता चला कि रंजन जिस महिला से प्रेम करता था, उसकी सगाई जौनपुर के एक युवक से हो गई थी। आरोपी ने उस युवक का फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाया था जिससे शादी तय हुई थी और उस पर आपत्तिजनक पोस्ट किया था।

इसके कारण दोनों पक्षों के बीच पंचायत बैठक हुई और रंजन को माफी मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा।

प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर, आरोपी ने सबसे पहले सोशल मीडिया मंच पर पंचायत बैठक में शामिल पुरुष पक्ष के सभी लोगों के मोबाइल नंबर खोजे। उसे गांव में आयोजित हो रहे क्रिकेट ‘टूर्नामेंट’ का एक पर्चा मिला, जिसमें उनमें से कुछ के फोन नंबर और नाम थे।

एटीएस के बयान के अनुसार, आरोपी ने फिर उन पुरुषों और महिला के मंगेतर के नामों का उपयोग करके फर्जी ईमेल आईडी बनाईं और उनके फोन नंबरों का इस्तेमाल करके अदालत परिसर और पुलिस लाइंस के गेट पर बम से हमला करने की धमकी दी।

पुलिस मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है।

भाषा आनन्द शोभना

शोभना