नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में महिला और युवक को 10-10 साल की कैद

नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में महिला और युवक को 10-10 साल की कैद

नाबालिग लड़की के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में महिला और युवक को 10-10 साल की कैद
Modified Date: May 20, 2023 / 06:01 pm IST
Published Date: May 20, 2023 6:01 pm IST

भदोही (उप्र) 20 मई (भाषा) भदोही की एक विशेष पॉक्सो अदालत ने 17 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण करने और फिर उससे बलात्कार किये जाने के मामले में शनिवार को एक महिला और एक युवक को 10-10 वर्ष कारावास की सजा सुनाने के साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।

विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) कौलेश्वर नाथ पांडेय ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पांडेय ने बताया कि अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मधु डोगरा की अदालत ने जिले के चौरी थाना क्षेत्र के एक गांव में करीब पांच वर्ष पुरानी घटना के मामले में आरोपी शाहजहां बेगम (50) और असलम (32) को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की सजा सुनाई।

उन्‍होंने बताया कि अदालत ने शनिवार को महिला को अपहरण और युवक को अपहरण सहित बलात्कार करने का दोषी ठहराते हुए दोनों को 10-10 साल कैद की सजा सुनाई।

इसके साथ अदालत ने महिला पर 16 हज़ार रुपये जबकि युवक को 40 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश पारित करते हुए कहा कि जुर्माने की रकम अदा नहीं करने पर दोनों दोषियों को ढाई-ढाई साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

अदालत ने जुर्माने की राशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिये।

विशेष लोक अभियोजक ने घटना के संदर्भ में बताया कि दिसंबर 2018 की यह घटना जिले के चौरी थाना क्षेत्र के एक गांव की है।

उन्होंने बताया कि एक पान-गुटखा की दुकान चलाने वाली शाहजहां बेगम ने उसी क्षेत्र की 17 साल की एक किशोरी को दो दिसंबर 2018 को बुलाया और असलम नामक युवक के साथ भेज दिया।

उन्होंने बताया कि असलम उसे पल्हैया स्थित एक स्कूल में ले गया और दो दिन तक उससे दुष्कर्म करता रहा, लेकिन चार दिसंबर को किशोरी ने घर पहुंचकर आपबीती सुनाई।

भदोही के पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि मामले में शाहजहां बेगम के खिलाफ अपहरण और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम तथा असलम के खिलाफ अपहरण और पॉक्सो अधिनियम और दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत पुलिस ने मामला दर्ज कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद शनिवार को सजा सुनाई।

भाषा सं आनन्द

संतोष

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