आजमगढ़ (उप्र), 23 सितंबर (भाषा) आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह को आजमगढ़ की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और एटीएस की संयुक्त टीम ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस ने इसकी जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि रात्रि साढ़े तीन बजे मुठभेड़ में घायल अहरौला पुलिस थाना अंतर्गत शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह मंगलवार शाम छह बजे घर लौटा। उस समय, उसकी पत्नी बबिता सिंह (32) दो पंडितों से पूजा-पाठ करवा रही थी। घर में धार्मिक अनुष्ठान होता देख अरविंद क्रोधित हो गया और उसने अपनी पत्नी एवं दो पंडितों को गाली देना शुरू कर दिया। पत्नी की आपत्ति पर विवाद बढ़ गया।
इस बीच, अरविंद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और कथित तौर पर पत्नी बबिता सिंह को गोली मारी और इसके बाद दोनों पंडितों को भी गोली मार दी जिनकी पहचान महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) के रूप में की गई है।
इस घटना के बाद उसने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया। सूचना मिलने पर कई थानों से पुलिस टीमें मौके पर पहुंची और घर को चारों तरफ से घेर लिया।
डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि तीन हत्याओं के आरोपी ने तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया था और लगातार उन बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी द्वारा चलाई गई गोली से एक बच्चे को भी गोली लगी है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी और रात साढ़े तीन बजे आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, बच्चे की हालत गंभीर हैं, जबकि दो बच्चे खतरे से बाहर हैं।
डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि आरोपी को लगभग सात घंटे तक समझाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही रिश्तेदारों और परिजनों को बुलाकर भी प्रयास किया गया लेकिन वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था।
गांव के लोगों का कहना है कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी और भूत प्रेत और आत्मा के साए की बात को लेकर घर में पूजा पाठ का आयोजन किया गया था। इसी बात से आरोपी नाराज था
वाराणसी के एडीजी नवीन अरोड़ा का कहना है कि लगातार सात घंटे के प्रयास के बाद भी आरोपी बाहर नहीं निकला। इसी बीच फायरिंग की आवाज आई जिसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। स्टन ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का प्रयोग करके दरवाजा तोड़ा गया। इसके बाद डॉक्टर अनिल कुमार एसओजी टीम के साथ अंदर गए।
उन्होंने बताया कि अंदर जाते ही लगातार आरोपी फायरिंग करने लगा और पांच फायर किया। इसी दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। इस मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई है।
भाषा सं राजेंद्र रंजन
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