मेरठ में इंस्टाग्राम पोस्ट पर मेटा के अलर्ट से बची युवक की जान, आठ मिनट में पहुंची पुलिस

मेरठ में इंस्टाग्राम पोस्ट पर मेटा के अलर्ट से बची युवक की जान, आठ मिनट में पहुंची पुलिस

मेरठ में इंस्टाग्राम पोस्ट पर मेटा के अलर्ट से बची युवक की जान, आठ मिनट में पहुंची पुलिस
Modified Date: June 9, 2026 / 12:19 am IST
Published Date: June 9, 2026 12:19 am IST

मेरठ, आठ जून (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस ने दावा किया है कि मेटा और पुलिस के बीच विकसित समन्वय व्यवस्था के तहत मेरठ जिले में 25 वर्षीय एक युवक की जान बचाई गई।

पुलिस के अनुसार, इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट किए जाने के बाद मेटा की ओर से प्राप्त ‘सुसाइडल अलर्ट’ पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सरधना थाने की पुलिस महज आठ मिनट में युवक तक पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया।

पुलिस द्वारा सोमवार को जारी बयान के अनुसार, सरधना क्षेत्र के निवासी युवक ने सात जून को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें वह सफेद रंग का एक तरल पदार्थ पीता दिखाई दे रहा था। वीडियो पर लिखा था, “अब तुम खुश रहना अपनी लाइफ में।”

पुलिस ने बताया कि शाम छह बजकर 53 मिनट पर मेटा ने इस पोस्ट के संबंध में पुलिस मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ‘सुसाइडल अलर्ट’ भेजा। पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार सोशल मीडिया सेंटर ने उपलब्ध मोबाइल नंबर और लोकेशन के आधार पर तत्काल मेरठ पुलिस को सूचना दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सरधना थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक के घर पहुंचकर उसकी तलाश की। मौके पर उसकी हालत गंभीर पाई गई। उसके पास एक संदिग्ध तरल पदार्थ की शीशी भी मिली।

पुलिसकर्मियों ने परिजनों की सहायता से युवक को निकटवर्ती अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य हो गई।

पूछताछ में युवक ने बताया कि प्रेम संबंध टूटने के कारण वह मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा था, जिसके चलते उसने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया।

पुलिस ने उसकी और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर आवश्यक मार्गदर्शन भी प्रदान किया।

बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच वर्ष 2022 से संचालित व्यवस्था के तहत फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट की जानकारी तत्काल पुलिस को उपलब्ध कराई जाती है।

पुलिस के अनुसार, एक जनवरी 2023 से 31 मई 2026 तक प्राप्त ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस 3,011 लोगों की जान बचा चुकी है।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत


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