मेरठ:फर्जी पुलिसकर्मी बनकर अपहरण व जबरन वसूली करने में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश,दो आरोपी गिरफ्तार
मेरठ:फर्जी पुलिसकर्मी बनकर अपहरण व जबरन वसूली करने में लिप्त गिरोह का पर्दाफाश,दो आरोपी गिरफ्तार
मेरठ (उप्र), एक अगस्त (भाषा) मेरठ पुलिस ने अपहरण करने, बंधक बनाकर मारपीट करने और रंगदारी वसूलने में शामिल गिरोह का भंडाफोड़ करके शनिवार को दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य खुद को पुलिसकर्मी के रूप में पेश करके वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस अधीक्षक (नगर) विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल पाल (25) निवासी रिठानी और आकाश (20) निवासी पुट्ठा के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि ब्रह्मपुरी थाने में नीरज पाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि शशांक शर्मा, राहुल, आकाश और दो अन्य लोगों ने खुद को पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ), थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) और दरोगा बताकर उनका (नीरज का) अपहरण कर लिया।
शिकायत के हवाले से उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित को बंधक बनाकर मारपीट की और इसके बाद फर्जी मुकदमे और पुलिस मुठभेड़ में फंसाने की धमकी देकर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी। इसके अलावा पीड़ित के गूगल-पे खाते से 10 हजार रुपये अंतरित कराए गए।
शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
इस मामले में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राहुल पाल और आकाश को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका पांच सदस्यीय गिरोह इंस्टाग्राम के जरिए युवकों से संपर्क करता था। उन्हें बहाने से बुलाकर मोहकमपुर स्थित एक फर्जी कार्यालय में ले जाया जाता था, जहां नकली प्राथमिकी और पुलिस दस्तावेज दिखाकर उनसे रंगदारी वसूली जाती थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बिना नंबर प्लेट की मारुति ऑल्टो कार, एक नंबर प्लेट, दो मोबाइल फोन, एक टेलीफोन, एक लैपटॉप, एक टैबलेट, एक वॉकी-टॉकी, फोन-पे रिसीवर बॉक्स, बीट बुक, मोहर, नेम प्लेट, बेंत और फर्जी पुलिस कार्रवाई से जुड़े प्रार्थना पत्र, फाइलें व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
भाषा सं आनन्द
संतोष
संतोष

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