मुजफ्फरनगर में अदालत ने 21 साल बाद हत्या के दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया
मुजफ्फरनगर में अदालत ने 21 साल बाद हत्या के दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया
मुजफ्फरनगर (उप्र), नौ जनवरी (भाषा) मुजफ्फरनगर की एक त्वरित अदालत ने शुक्रवार को एक व्यक्ति की हत्या के 21 साल बाद इस मामले में दो आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। एक अधिवक्ता ने यह जानकारी दी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि त्वरित अदालत के न्यायाधीश कमला पति ने राजीव और जितेंद्र को यह देखते हुए बरी किया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
शासकीय अधिवक्ता अरुण शर्मा ने भी इसकी पुष्टि की।
जिंदल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मुकदमे की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और एक आरोपी शोभा राम का निधन हो गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सुशील की 15 दिसंबर, 2004 को कथित तौर पर पुरानी दुश्मनी के चलते गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह जिले में भोरा कलां थानाक्षेत्र के भोरा खुर्द गांव में अपने घर लौट रहा था।
सुशील की मां की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद आरोपियों पर मुकदमा चलाया गया। हालांकि अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया।
भाषा सं आनन्द राजकुमार
राजकुमार

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