होम गार्ड हत्याकांड: मुजफ्फरनगर अदालत ने व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनाई

होम गार्ड हत्याकांड: मुजफ्फरनगर अदालत ने व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनाई

होम गार्ड हत्याकांड: मुजफ्फरनगर अदालत ने व्यक्ति को मौत की सज़ा सुनाई
Modified Date: July 2, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: July 2, 2026 2:36 pm IST

मुजफ्फरनगर (उप्र), दो जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की एक फास्ट-ट्रैक अदालत ने बृहस्पतिवार को ड्यूटी पर तैनात एक होम गार्ड की हत्या के लिए एक व्यक्ति को दोषी ठहराया और उसे मौत की सजा सुनाई। अदालत ने यह माना कि यह मामला ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने दीपक को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई।

अदालत ने दोषी के खिलाफ 1.20 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। न्यायाधीश ने कहा कि हत्या ऐसी परिस्थितियों में की गई थी जिसमें अधिकतम सजा की आवश्यकता थी।

हालांकि, मौत की सजा कानून के तहत अनिवार्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पुष्टि के अधीन होगी।

सरकारी वकील कुलदीप कुमार ने बताया कि घटना चार जून, 2020 को मुजफ्फरनगर जिले के कोतवाली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत बुढ़ाना मॉडल इलाके के पास हुई।

उन्होंने कहा कि दीपक द्वारा कथित तौर पर मारपीट करने के बाद ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड रतिराम ने आरोपी की मां को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया। इस पर गुस्से में आकर आरोपी ने रतिराम को चाकू मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

रतिराम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने दीपक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. सुनवाई के बाद अदालत ने उसे दोषी पाया और बृहस्पतिवार को सजा सुनाई।

भाषा सं जफर नरेश रंजन

रंजन


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