गाजियाबाद में नगर पंचायतकर्मी की पांच दिन संघर्ष के बाद मौत,ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया

गाजियाबाद में नगर पंचायतकर्मी की पांच दिन संघर्ष के बाद मौत,ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया

गाजियाबाद में नगर पंचायतकर्मी की पांच दिन संघर्ष के बाद मौत,ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया
Modified Date: April 13, 2026 / 09:55 pm IST
Published Date: April 13, 2026 9:55 pm IST

गाजियाबाद (उप्र), 13 अप्रैल (भाषा) मोदीनगर की एक नगर पंचायत के एक संविदाकर्मी की अस्पताल में पांच दिनों तक जिंदगी से जूझने के बाद मौत हो गई। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

इसके बाद ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और घटना में कथित तौर पर शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

पुलिस के अनुसार मोदीनगर के पतला नगर पंचायत में कार्यरत संविदाकर्मी अमित चौधरी (35) की रविवार शाम को मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।

बड़ी संख्या में ग्रामीण गाजियाबाद के एक अस्पताल में जमा हो गए और हत्या के आरोप में दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग की।

अधिकारियों ने बताया कि स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पतला कस्बे और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

सहायक पुलिस आयुक्त (मोदीनगर) भास्कर वर्मा के अनुसार, चौधरी सात अप्रैल की रात को पतला-धौलरी सड़क पर घायल और नशे की हालत में मिला था।

पुलिसकर्मी उसे इलाज के लिए मुरादनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, लेकिन कथित तौर पर वह वहां से भाग निकला।

अधिकारी ने बताया कि भागने के दौरान अमित को एक ट्रक ने टक्कर मार दी, जिसके बाद उसकी हालत गंभीर बनी रही। इस बीच, मामले के संबंध में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) सुरेंद्र नाथ तिवारी ने इससे पहले पतला पुलिस चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक लोकेंद्र, उप-निरीक्षक शाहिद खान, मुख्य आरक्षी सचिन मोहन और आरक्षी नरेंद्र को निलंबित करने का आदेश दिया था।

अधिकारियों ने बताया कि निवाड़ी के थाना प्रभारी (एसएचओ) के.के. मौर्य की भूमिका की भी जांच की जा रही है और एक विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

भाषा सं आनन्द

राजकुमार

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