सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्य में ‘बाधक’ बने थे नेहरू : योगी आदित्यनाथ

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सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्य में 'बाधक' बने थे नेहरू : योगी आदित्यनाथ

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  • Publish Date - April 19, 2026 / 06:57 PM IST,
    Updated On - April 19, 2026 / 06:57 PM IST

लखनऊ, 19 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार कार्य में ‘बाधक’ बनने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने (नेहरू) तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होने से मना किया था।

मुख्यमंत्री ने रविवार को लखनऊ में आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा उत्तर प्रदेश’ की शुरुआत के अवसर पर कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि देश की सनातन आस्था पर प्रहार किया गया था।

उन्होंने कहा, “भारत माता के महान सपूत और देश की अखंडता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ मंदिर की दुर्दशा देखकर इसके पुनरुद्धार का संकल्प लिया था, लेकिन इस मार्ग में बाधक पंडित नेहरू बने।”

आदित्यनाथ ने कहा कि सरदार पटेल के दृढ़ संकल्प के चलते पुनरुद्धार का कार्य आगे बढ़ा और मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद प्राण प्रतिष्ठा समारोह को भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारी की गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय आयोजन समिति द्वारा राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद को आमंत्रित किए जाने के बावजूद कांग्रेस सरकार और नेहरू ने इसमें भी बाधा डालने की कोशिश की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेहरू का मानना था कि राष्ट्रपति का इस कार्यक्रम में शामिल होना धर्मनिरपेक्षता की भावना के विपरीत होगा।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर ‘तुष्टीकरण की पराकाष्ठा’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद-370 लागू करने वाली सरकार ने भी इस धार्मिक आयोजन में राष्ट्रपति की भागीदारी का विरोध किया, लेकिन सरदार पटेल और डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कार्यक्रम को संपन्न कराया।

उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।

आदित्यनाथ ने अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की सनातन संस्कृति पर हुए हमलों के बावजूद आस्था अडिग रही है।

उन्होंने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के तहत उत्तर प्रदेश से 1,000 से अधिक श्रद्धालु गुजरात स्थित सोमनाथ धाम के दर्शन के लिए विशेष ट्रेन से रवाना हो रहे हैं। इस यात्रा के लिए रेलवे द्वारा निःशुल्क ट्रेन उपलब्ध कराई गई है, जबकि अन्य खर्च पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय वहन कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने इस पहल के लिए रेलवे, संबंधित मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार भी व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से श्रद्धालुओं की यह विशेष रेलगाड़ी जो विभिन्न तीर्थों से होती हुई द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से प्रथम सोमनाथ धाम जा रही है।

आदित्यनाथ ने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है जिस तरह आत्मा अजर और अमर है, वैसे ही सनातन आस्था भी इस अजर, अमर पथ का एक प्रतीक है।

भाषा

सलीम रवि कांत