नोएडा हवाईअड्डा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा

नोएडा हवाईअड्डा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा

नोएडा हवाईअड्डा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नए मानक स्थापित करेगा
Modified Date: January 12, 2026 / 10:43 pm IST
Published Date: January 12, 2026 10:43 pm IST

लखनऊ, 12 जनवरी (भाषा) नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (जेवर हवाई अड्डा) ना सिर्फ हवाई संपर्क का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित करेगा। एक आधिकारिक बयान में यह कहा गया।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस हवाई अड्डे को भारत का पहला आईजीबीसी ग्रीन कैंपस प्रमाणित हवाईअड्डा बनने का गौरव प्राप्त हुआ है, जो बड़ी उपलब्धि है। यह हवाई अड्डा ‘ज़्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप’ के सहयोग से विकसित ‘नेट-ज़ीरो’ अवधारणा पर आधारित है।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के तहत हवाई अड्डे का टर्मिनल भवन इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊर्जा, पानी और कचरे की खपत न्यूनतम हो।

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उन्होंने बताया कि हवाई अड्डे के पार्किंग के 20 प्रतिशत हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ‘स्टैंडर्ड और फास्ट चार्जिंग’ सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

उन्होंने बताया कि योगी सरकार के हरित ऊर्जा दृष्टिकोण के अनुरूप परिसर में 82.94 एकड़ में सौर फार्म विकसित किया जा रहा है। इससे हवाई अड्डे को बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त होगी।

हवाई अड्डे में एक व्यापक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली कचरे के पृथक्करण, पुन:चक्रण और वैज्ञानिक निपटान को बढ़ावा देगी।

भाषा राजेंद्र सिम्मी

सिम्मी


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