पौधारोपण गतिविधियों में पॉलीथीन ग्रो बैग्स की जगह होगा गोबर से बने आर्गेनिक गमलों का प्रयोग

पौधारोपण गतिविधियों में पॉलीथीन ग्रो बैग्स की जगह होगा गोबर से बने आर्गेनिक गमलों का प्रयोग

पौधारोपण गतिविधियों में पॉलीथीन ग्रो बैग्स की जगह होगा गोबर से बने आर्गेनिक गमलों का प्रयोग
Modified Date: January 8, 2026 / 01:10 am IST
Published Date: January 8, 2026 1:10 am IST

लखनऊ, सात जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में पौधारोपण गतिविधियों के लिए पॉलीथीन ग्रो बैग्स की जगह गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री के आत्मनिर्भर गौशाला मॉडल के तहत उत्तर प्रदेश की लगभग सात हजार गौशालाओं में गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों का उत्पादन किया जाएगा।

इसमें कहा गया है कि इस पहल का मकसद न सिर्फ प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना है बल्कि जिला स्तर पर खासकर पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों और युवा उद्यमियों के लिये बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना भी है।

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उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के अनुसार राज्य में पौधरोपण अभियानों में इस्तेमाल के लिए इस साल लगभग पांच करोड़ ऑर्गेनिक गमले बनाने की योजना है।

आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने कहा कि आयोग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं के अनुरूप एक विशेष योजना तैयार की है।

उन्होंने कहा, ”यह तय किया गया है कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान के तहत पौधे पॉलीथीन के बजाय गाय के गोबर से बने ऑर्गेनिक गमलों में लगाए जाएंगे। हम ऐसे लगभग पांच करोड़ गमलों के उत्पादन की योजना बना रहे हैं। राज्य भर की नर्सरी में इन ऑर्गेनिक गमलों को बड़े पैमाने पर अपनाने के लिए वन मंत्री अरुण सक्सेना के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है।”

भाषा सलीम नोमान

नोमान


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