भाजपा के स्थापना दिवस पर 300 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान

भाजपा के स्थापना दिवस पर 300 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान

भाजपा के स्थापना दिवस पर 300 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का सम्मान
Modified Date: April 6, 2026 / 10:43 pm IST
Published Date: April 6, 2026 10:43 pm IST

लखनऊ, छह अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल में जनसंघ और भाजपा के 300 से अधिक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।

भाजपा मुख्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार “गौरव सम्मान समारोह” में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह और कार्यक्रम संयोजक नीरज सिंह ने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को केसरिया अंगवस्त्र पहनाकर तथा वस्त्र एवं साहित्य भेंट कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं के समक्ष फोटो भी खिंचवाया।

इस कार्यक्रम में पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों—राजनाथ सिंह, कलराज मिश्र, विनय कटियार, डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह और भूपेंद्र सिंह चौधरी-के संदेश एलईडी स्क्रीन के माध्यम से प्रसारित किए गए।

समारोह को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान के लिए राष्ट्र प्रेरणा स्थल से बेहतर स्थान नहीं हो सकता। उन्होंने इसे करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बताते हुए कहा कि यह स्थल डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ‘एक देश, एक विधान’ के संकल्प, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और एकात्म मानववाद के दर्शन तथा अटल बिहारी वाजपेयी के सुशासन की याद दिलाता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की यात्रा आसान नहीं रही और दो लोकसभा सीटों से शुरू हुई पार्टी आज केंद्र में लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार चला रही है, साथ ही कई राज्यों में उसकी या उसके सहयोगियों की सरकारें हैं।

चौधरी ने कहा कि वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने सभी वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को नमन करते हुए आह्वान किया कि वे उत्तर प्रदेश को विकास के शिखर तक पहुंचाने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार करने में योगदान दें।

भाषा

आनन्द रवि कांत


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