Pappu Yadav Controversy: पप्पू यादव के खिलाफ सड़क पर उबाल, सनातन संगठन ने निकाली शवयात्रा, इस दिग्गज ने किया सिर काटने पर 51 लाख रुपए देने का ऐलान

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Pappu Yadav Controversy: सनातन रक्षा संगठन के कार्यकर्ताओं ने लखनऊ में पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।

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  • Publish Date - August 1, 2026 / 03:36 PM IST,
    Updated On - August 1, 2026 / 03:57 PM IST

Pappu Yadav Controversy/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • पप्पू यादव द्वारा किए गए प्रदर्शन का विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है।
  • लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के बैनर तले प्रदर्शन किया गया।
  • सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।

अखंड राय की रिपोर्ट…

Pappu Yadav Controversy: लखनऊ: संसद परिसर में साधु का भेष बनाकर और भगवा कपड़ा पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी के विरोध में सांसद पप्पू यादव द्वारा किए गए प्रदर्शन का विवाद अब सड़कों तक पहुंच गया है। इस मुद्दे को लेकर शनिवार को लखनऊ में सनातन रक्षा संगठन के बैनर तले प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने पप्पू यादव की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली, जमकर नारेबाजी की और उनके साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तस्वीरों पर चप्पल मारकर विरोध जताया।

प्रदर्शन के दौरान ‘पप्पू यादव मुर्दाबाद’, ‘पप्पू यादव होश में आओ’, ‘सनातन से मत टकराओ’ जैसे नारे लगातार गूंजते रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि संसद जैसे सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच पर भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन करना सनातन परंपरा और साधु-संतों का अपमान है। (Pappu Yadav Controversy) उनका कहना था कि राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने के लिए भगवा का इस्तेमाल जानबूझकर किया गया, जिससे करोड़ों सनातनियों की भावनाएं आहत हुई हैं।

‘सनातन का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे’

Pappu Yadav Controversy: सनातन रक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुरोध राय ने प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए पप्पू यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने भगवा धारण कर पूरे सनातन समाज का अपमान किया है। उन्होंने कहा, ‘भगवा कोई राजनीतिक वेशभूषा नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और सनातन परंपरा का प्रतीक है। संसद में इसे पहनकर राजनीतिक प्रदर्शन करना साधु-संतों और करोड़ों सनातनियों का अपमान है। हम इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।’

पप्पू यादव का सिर काटने पर 51 लाख का इनाम

अनुरोध राय ने यह भी आरोप लगाया कि पप्पू यादव के खिलाफ कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और ऐसे व्यक्ति को भगवा पहनने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘दूसरे धर्मों के प्रतीकों के साथ ऐसा करने की हिम्मत ये लोग कभी नहीं दिखाते। फिर सनातन को ही बार-बार निशाना क्यों बनाया जाता है?’ (Pappu Yadav Controversy) प्रदर्शन के दौरान अनुरोध राय ने यह भी घोषणा की कि जो व्यक्ति पप्पू यादव का सिर काटकर लाएगा, उसे 51 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।

अखिलेश और राहुल को भी घेरा

Pappu Yadav Controversy: उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि वे सनातन आस्था का अपमान करने वाली राजनीति से बाज आएं, अन्यथा जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। अनुरोध राय ने कहा कि संसद में पप्पू यादव ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी के इशारे पर ही ऐसा प्रदर्शन किया। ये लोग हमेशा सनातन का मजाक उड़ाते हैं, अपमान करते हैं। इनका राम मंदिर के मुद्दे से कोई लेना देना ही नहीं है। बल्कि ये इस मुद्दे की आड़ में केवल हिंदू धर्म का अपमान करना चाहते हैं।

संतों ने भी विपक्ष को दी थी चेतावनी

संसद में हुए इस प्रदर्शन को लेकर संत समाज में भी भारी रोष है। कई संतों ने पप्पू यादव, अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए पूछा था कि क्या वो किसी और धर्म के लिए इस तरह का प्रदर्शन करने की हिम्मत कभी जुटा पाएंगे। संतों ने विपक्षी नेताओं की नीयत पर सवाल खड़े करते हुए पूछा था कि राम मंदिर के नाम पर दुष्प्रचार करने वाले ये लोग कभी वहां दर्शन के लिए क्यों नहीं गए।

क्या है पूरा विवाद?

Pappu Yadav Controversy: दरअसल, पूरा विवाद संसद परिसर में शुक्रवार को हुए उस प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें सांसद पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर राम मंदिर में कथित चोरी के मुद्दे पर विरोध दर्ज कराया था। उस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के कई नेता भी वहां मौजूद थे। इस दौरान पप्पू यादव ने ऐसा दिखाने की कोशिश की थी कि किसी संत ने ही राम मंदिर में चोरी की है।

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