लखनऊ: Arogya Setu App: योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और मरीजों को बेहतर एवं सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में सरकारी अस्पतालों की लैब में टेस्ट कराने वाले मरीजों को उनकी रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु ऐप पर भेजने की तैयारी की जा रही है ताकि वह अपनी लैब रिपोर्ट को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकार्ड के रूप में अपने पास सुरक्षित रख सकें।
Arogya Setu App: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की दिशा में कई पहल की गई है। उन्होंने बताया कि मरीजों को उनकी जांच रिपोर्ट मोबाइल के आरोग्यसेतु एप पर भेजने की तैयारी की जा रही है, जिसे वह भविष्य में जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा प्रदाता से शेयर कर सकेंगे। वहीं प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (एलआईएस) को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (एचएमआईएस) से जोड़ दिया गया है। इस व्यवस्था से मरीजों को अब लैब रिपोर्ट के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। साथ ही डॉक्टर्स को भी जल्द लैब रिपोर्ट मिलने से इलाज में काफी सहूलियत हुई है। उन्होंने बताया कि मरीजों को लैब रिपोर्ट व्हाट्सएप और एसएमएस से भेजी जा रही है। अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट का मैसेज व्हाट्सएप पर भेजा गया जबकि 37.66 लाख रिपोर्ट व्हाट्सएप पर भेजी गयी। इसी तरह करीब 46.50 लाख एसएमएस भेजे गए, जिनमें से 31.40 लाख मरीजों को लैब रिपोर्ट भेजी गयी।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव ने बताया कि एलआईएस-एचएमआईएस के इंटीग्रेटेड होने से अब मरीजों को लैब जांच के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना पड़ता है। इससे जहां एक ओर मरीजों के समय की बचत हो रही है वहीं दूसरी ओर उन्हे समय पर इलाज भी मिल रहा है। इसका लाभ डॉक्टरों को भी मिल रहा है। जांच परिणाम सीधे एचएमआईएस पोर्टल पर उपलब्ध होने से चिकित्सकों को रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता। इससे मरीज की जांच रिपोर्ट के आधार पर उपचार प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही मैनुअल और दोहरी डाटा एंट्री की भी व्यवस्था खत्म हो गयी है।