Lumpy Virus in UP: लंपी वायरस की रोकथाम के लिए योगी सरकार ने कसी कमर, इन 25 जिलों में 606 टीमें कीं तैनात, अब तक इतने पशुओं का हुआ टीकाकरण

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लंपी वायरस की रोकथाम के लिए योगी सरकार ने कसी कमर, इन 25 जिलों में 606 टीमें कीं तैनात, Yogi Govt Preparations to Prevent Lumpi Virus

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  • Publish Date - September 19, 2026 / 04:00 PM IST,
    Updated On - September 19, 2026 / 04:10 PM IST

Lumpy Virus in UP. Image Source- IBC24 Archive

लखनऊः Lumpy Virus in UP: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पशुधन को लंपी स्किन डिजीज से सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर रोकथाम एवं नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश के 25 जनपदों में 606 टीमें तैनात कर प्रभावित एवं संभावित क्षेत्रों में निगरानी, उपचार और टीकाकरण का कार्य तेज किया गया है।

Lumpy Virus in UP: इस दौरान पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि प्रभावित जनपदों में विशेष सतर्कता एवं प्रभावी नियंत्रण उपाय सुनिश्चित किया जा रहा है। बीमारी की रोकथाम के लिए रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखना, वेक्टर कंट्रोल, कीटाणुशोधन तथा साफ-सफाई जैसे प्रभावी उपाय प्राथमिकता दी जाए। टीकाकरण अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित करते हुए इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पशु चिकित्सक निर्धारित समय पर चिकित्सालयों में उपस्थित रहें तथा गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति दें। पशु सखी, पैरावेट एवं मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर टीकाकरण की शत-प्रतिशत सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने जनप्रतिनिधियों, गोपालकों एवं गोशाला संचालकों के साथ जनजागरूकता बैठकें आयोजित करने तथा बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी व्यापक स्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक गो आश्रय स्थल में हरे चारे की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। विभागीय अभियान के तहत अब तक प्रदेश में 16,08,548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। वहीं, लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण से अब तक 9,003 पशु प्रभावित होने की सूचना है। प्रभावित पशुओं की पहचान के साथ ही उनके उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

प्रभावित जनपदों में लगातार रखी जा रही है निगरानी

लंपी वायरस की रोकथाम के लिए तैनात 606 टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं। टीमों द्वारा पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव के उपाय और संक्रमित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर तत्काल पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया जा रहा है।

टीकाकरण पर दिया जा रहा विशेष जोर

लंपी स्किन डिजीज के नियंत्रण में टीकाकरण को महत्वपूर्ण उपाय मानते हुए विभाग द्वारा प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 16 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुपालकों से अपील की जा रही है कि वे अपने पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा विभागीय टीम को सूचना दें।

पशुपालकों को किया जा रहा जागरूक

विभाग की ओर से पशुपालकों को स्वच्छता बनाए रखने, पशुओं के आसपास मच्छर-मक्खी जैसे वाहक कीटों की रोकथाम करने तथा संक्रमित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने की सलाह दी जा रही है। पशुओं में शरीर पर गांठें, बुखार, त्वचा पर घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय जांच कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि समय रहते संक्रमण की पहचान, प्रभावी निगरानी, टीकाकरण और उपचार के माध्यम से लंपी स्किन डिजीज के प्रसार को नियंत्रित किया जाए, जिससे पशुधन की सुरक्षा के साथ पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को भी कम किया जा सके।