उप्र : फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, 33 गांवों के 23 हजार से अधिक लोग प्रभावित
उप्र : फर्रुखाबाद में बाढ़ की स्थिति बिगड़ी, 33 गांवों के 23 हजार से अधिक लोग प्रभावित
फर्रुखाबाद, 12 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर बढ़ने से फर्रुखाबाद जिले में बुधवार को बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई। कई गांवों में पानी घुस गया, सड़क संपर्क बाधित हुआ और कटान शुरू हो गया। हालांकि, जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज करने का दावा किया है।
प्रशासन के अनुसार बाढ़ से 33 गांवों के 23,367 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, जमीनी रिपोर्ट के अनुसार करीब 60 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।
अधिकारियों ने बताया कि गंगा का जलस्तर 137.05 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर नीचे है।
जिला प्रशासन ने 24 अस्थायी आश्रय स्थल और 52 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए 50 नाव, पांच मोटरबोट, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम और पीएसी की बाढ़ राहत इकाई तैनात की गई है।
हालांकि, जिला प्रशासन के अनुसार 23 हजार से अधिक लोगों के प्रभावित होने के बावजूद अब तक केवल 240 लोग ही राहत शिविरों में पहुंचे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने 35 चिकित्सा शिविर लगाए हैं, जहां 536 लोगों का उपचार किया गया। विभाग ने 272 ओआरएस पैकेट और क्लोरीन की 896 गोलियां भी वितरित की हैं।
पशुपालन विभाग के अनुसार, 11 पशु चिकित्सा शिविरों में 79 पशुओं का उपचार किया गया और 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया गया।
राजेपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से गंगा पार के इलाके में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। इसके मद्देनजर अधिकारियों ने फर्रुखाबाद-बदायूं मार्ग को बंद कर दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
राजेपुर डिप के ऊपर तीन फुट से अधिक पानी तेज बहाव के साथ बह रहा है, जबकि चित्रकूट डिप पर करीब पांच फुट पानी जमा है। इससे दोनों मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया है।
पुलिस ने राजेपुर और जमापुर मार्गों पर अवरोधक लगाकर कर यातायात रोक दिया है। लोग जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए डाबरी मार्ग का इस्तेमाल कर रहे हैं।
आशा की मड़ैया, फत्तापुर और किराचन समेत कई गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। गांवों के चारों ओर पानी भर जाने के कारण ग्रामीण सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। स्कूल से लौटने वाले बच्चे भी नावों के इंतजार में दिखाई दिए।
कटरी क्षेत्र के कई गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है और कटान शुरू हो गया है। तिसराम की मड़ैया, अंबापुर, चित्रकूट, पश्चिमी गोटिया, पूर्वी गोटिया, सबलपुर और कंचनपुर के पास तेज बहाव के कारण जमीन कटकर बह रही है।
कटान बढ़ने की आशंका के बीच ग्रामीणों ने अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। तिसराम की मड़ैया समेत करीब 25 गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है।
प्रशासन ने प्रभावित गांवों में आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था की है। हालांकि, बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षित संपर्क, फसल नुकसान, पशुओं के लिए चारे, पेयजल और आजीविका को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं बनी हुई हैं।
भाषा
सं, सलीम रवि कांत

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