गोरक्षा में योगदान देने वाली विभूतियां होंगी सम्मानित: मुख्यमंत्री

गोरक्षा में योगदान देने वाली विभूतियां होंगी सम्मानित: मुख्यमंत्री

गोरक्षा में योगदान देने वाली विभूतियां होंगी सम्मानित: मुख्यमंत्री
Modified Date: March 21, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: March 21, 2026 10:09 pm IST

लखनऊ, 21 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि गो-रक्षा एवं गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

प्रदेश सरकार ने एक बयान में कहा कि शनिवार को गोसेवा आयोग की बैठक में मुख्यमंत्री ने निराश्रित गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रत्येक गोशाला में ‘भूसा बैंक’ की स्थापना पर विशेष जोर दिया।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोसेवा भारतीय सांस्कृतिक परंपरा का अभिन्न अंग है और इस क्षेत्र में समर्पित लोगों का सार्वजनिक सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्थानीय किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को गो-आश्रय स्थलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सभी गो-आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना एवं सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और इसके लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कोष के प्रभावी उपयोग की संभावनाओं पर बल दिया।

योगी आदित्यनाथ ने गोसेवा आयोग के पदाधिकारियों एवं पशुधन विभाग के अधिकारियों को नियमित रूप से गो-आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने को कहा। आयोग के पदाधिकारियों को दो-दो के समूह में मंडलवार भ्रमण कर ‘भूसा बैंक’ की स्थापना और गोचर भूमि के विस्तार कार्य को गति देने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक भ्रमण की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग के भ्रमण में वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी होंगे। साथ ही, विभागीय मंत्री के नेतृत्व में राज्यव्यापी निरीक्षण और मुख्यालय स्तर से निदेशक द्वारा मासिक औचक निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गो-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का मजबूत आधार है। इस दृष्टि से गो-आश्रय स्थलों के संचालन में पारदर्शिता, तकनीक और जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जाए।

योगी आदित्यनाथ ने डीबीटी प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने और प्रत्येक गो-आश्रय स्थल पर गोवंश की दैनिक संख्या का अनिवार्य रजिस्टर संचालित करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रदेश में वर्तमान में 7,527 गो-आश्रय स्थलों में 12.39 लाख से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनमें 6,433 अस्थायी स्थलों में 9.89 लाख, 518 वृहद गो-संरक्षण केंद्रों में 1.58 लाख, 323 कान्हा गो-आश्रयों में 77,925 और 253 कांजी हाउस में 13,576 गोवंश संरक्षित हैं।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 97 गोबर गैस संयंत्र संचालित हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा एवं आय सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इनके विस्तार पर जोर दिया। साथ ही, विभिन्न जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) द्वारा गो-पेंट, वर्मी कम्पोस्ट, गो-दीप सहित अन्य उत्पादों के निर्माण को आत्मनिर्भरता का सफल मॉडल बताया।

बैठक में बताया गया कि मुजफ्फरनगर का गो-अभयारण्य इस दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण के रूप में उभर रहा है।

भाषा राजेंद्र सुरभि

सुरभि


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