लखनऊ, 30 अगस्त (भाषा) केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने रविवार को कहा कि पीएम-सेतु सरकार, उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच साझेदारी के एक नए मॉडल को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि यह पहल प्रशिक्षण और रोजगार के बीच की खाई को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
लखनऊ में आयोजित पीएम-सेतु इंडस्ट्री कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी ने कहा कि इस पहल के तहत आईटीआई क्लस्टर के विकास और आधुनिकीकरण में उद्योगों को सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण, आधुनिक बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षुता के अवसर, प्रशिक्षकों का विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देना जरूरी है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि राज्य अपने बढ़ते औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के आठ पीएम-सेतु क्लस्टर व्यावसायिक प्रशिक्षण को उद्योगों की जरूरतों और उभरती तकनीकों से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं।
गौरतलब है कि पीएम-सेतु योजना के तहत एक हजार सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को 200 हब और 800 स्पोक मॉडल के माध्यम से उन्नत किया जा रहा है। इस योजना में आधुनिक बुनियादी ढांचे, अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
भाषा
सलीम रवि कांत