दिल्ली विस में बैरिकेड तोड़कर घुसने की कोशिश करने वाले युवक के घर पहुंची पुलिस, परिजनों से पूछताछ
दिल्ली विस में बैरिकेड तोड़कर घुसने की कोशिश करने वाले युवक के घर पहुंची पुलिस, परिजनों से पूछताछ
पीलीभीत (उप्र) छह अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस दिल्ली विधानसभा में बैरिकेड तोड़कर घुसने का प्रयास करने वाले सर्वजीत सिंह के पीलीभीत स्थित पैतृक आवास पहुंची और उसके परिजनों से पूछताछ की।
पुलिस ने सोमवार को बताया कि जिले के पूरनपुर थाना क्षेत्र के नारायणपुर में रहने वाले परिजनों ने उसे बताया कि सर्वजीत की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका उपचार शाहजहांपुर के एक अस्पताल में चल रहा है।
पूरनपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) पवन कुमार पांडेय ने संवाददाताओें को बताया “सर्वजीत के परिजनों से पूछताछ की गई है। परिजनों ने उसकी मानसिक स्थिति ठीक न होने की जानकारी दी है। इस मामले की जांच की जा रही है।”
पुलिस के अनुसार दिल्ली विधानसभा की बैरिकेडिंग तोड़ने वाले सर्वजीत सिंह की पहचान होने के बाद क्षेत्राधिकारी प्रतीक दहिया और कोतवाल पवन कुमार पांडेय कोतवाली रोड स्थित नारायनपुर में उसके घर पहुंचे। यहां पुलिस ने सर्वजीत की पत्नी मंदीप कौर से पूछताछ की और घटना के संबंध में जानकारी ली।
परिजनों ने बताया कि सर्वजीत अपनी पत्नी मंदीप कौर और बेटे के साथ नारायनपुर में रहता है। उसका भांजा हरमनदीप सिंह, जो दिल्ली में बीटेक की तैयारी कर रहा था, एक अप्रैल को अचानक लापता हो गया था। इस संबंध में संबंधित थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
परिजनों के मुताबिक तीन अप्रैल को सर्वजीत अन्य रिश्तेदारों के साथ हरमनदीप की तलाश में चंडीगढ़ गया था। बताया गया कि रिश्तेदारों को आनंदपुर साहिब छोड़ने के बाद सर्वजीत अकेले गाड़ी लेकर दिल्ली चला गया और इस बारे में किसी को जानकारी नहीं दी।
पुलिस ने बताया कि दिल्ली पहुंचने के बाद उसने विधानसभा की बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किया, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने उसे पकड़ लिया।
सर्वजीत के बड़े भाई अवतार सिंह, जो सिंहपुर में रहते हैं, ने बताया कि उनके भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका शाहजहांपुर के एक अस्पताल से इलाज चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सर्वजीत का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
पुलिस ने बताया कि अब यह जांच की जा रही है कि सर्वजीत किन लोगों के संपर्क में था और दिल्ली जाने के पीछे उसकी मंशा क्या थी।
भाषा सं आनन्द धीरज
धीरज

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