कौशांबी (उप्र), 21 जुलाई (भाषा) कौशांबी जिले में सराय अकिल थाना क्षेत्र के कनैली गांव में 19 जुलाई की रात गोलीकांड की घटना में सम्बन्धित थानाध्यक्ष और कनैली चौकी के प्रभारी को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई कौशांबी के अपर पुलिस अधीक्षक की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि 19 जुलाई की रात सराय अकिल थानाक्षेत्र के कनैली गांव में दो सगे भाइयों- गुलशन त्रिपाठी और रोहित त्रिपाठी ने अपने साथियों की मदद से सूरज सिंह एवं राजीव को गोली मारकर घायल कर दिया था।
उन्होंने बताया कि कौशांबी की अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह की जांच में यह सामने आया कि दोनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर अपराधी हैं और गुलशन त्रिपाठी के विरुद्ध जिले के विभिन्न थानों में 16 तथा रोहित त्रिपाठी के खिलाफ 15 मुकदमे दर्ज हैं।
प्रजापत ने बताया कि जांच रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि इससे पहले छह जुलाई 2026 को दोनों आरोपियों ने अपने तीसरे भाई अंकित त्रिपाठी के साथ मिलकर कनैली गांव के सौरभ सिंह को लाठी-डंडों से पीटा था। उन्होंने बताया कि इस मामले में थाने में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कानूनी एवं निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की गई थी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि अगर पहली घटना के बाद हिस्ट्रीशीटर अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई होती तो दूसरी गंभीर वारदात को रोका जा सकता था। उन्होंने बताया कि सराय अकिल थाने के प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह वर्मा तथा मामले के जांचकर्ता एवं कनैली चौकी के प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह की शिथिलता के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हुए और दो सप्ताह के भीतर उन्होंने दूसरी घटना को अंजाम दिया।
उन्होंने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक की जांच आख्या में प्रभारी निरीक्षक और चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए, जिसके आधार पर प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक अजय मिश्रा ने आज दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के आदेश दिये हैं।
भाषा सं. सलीम राजकुमार
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