Magh Mela 2026 : 45 दिन, 6 मुख्य स्नान और मोक्ष का द्वार! आज से शुरू हुआ माघ मेला 2026, नोट कर लें ये जरूरी तिथियां

Magh Mela 2026: नए साल के साथ ही प्रयागराज में माघ मेला 2026 की शुरुआत हो गई है। त्रिवेणी संगम पर आयोजित होने वाला यह धार्मिक मेला 15 फरवरी तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए पहुंचेंगे।

Magh Mela 2026 : 45 दिन, 6 मुख्य स्नान और मोक्ष का द्वार! आज से शुरू हुआ माघ मेला 2026, नोट कर लें ये जरूरी तिथियां

Magh Mela 2026/ Image Source : AI Generated

Modified Date: January 3, 2026 / 07:21 am IST
Published Date: January 3, 2026 7:19 am IST
HIGHLIGHTS
  • माघ मेला 2026 की शुरुआत शुक्रवार से, मेला 15 फरवरी तक चलेगा
  • माघ मास के दौरान कुल 6 प्रमुख स्नान तिथियां निर्धारित
  • त्रिवेणी संगम पर स्नान को पाप मुक्ति और अक्षय पुण्य का माध्यम माना जाता है

प्रयागराज: नए साल के आगमन के साथ ही आज यानी शुक्रवार से प्रगायराज में माघ मेला 2026 की शुरुआत होने जा रही है। यह मेला हर साल माघ माह में आयोजित किया जाता है और इसे आस्था एवं पुण्य का प्रतीक माना जाता है। इस मेले में शामिल होने देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और साधु-संत पहुंचते हैं। यह मेला अगले महीने 15 फरवरी तक चलेगा। Magh Mela 2026

कब होंगे मुख्य स्नान

Magh Mela 2026  आपको बता दें कि करीब 40 से 45 दिनों तक चलने वाला यह भव्य धार्मिक आयोजन आस्था और परंपरा का अनूठा संगम माना जाता है। माघ मेले के दौरान कई प्रमुख स्नान तिथियां होती हैं, जिनका विशेष धार्मिक महत्व होता है। माघ मास का पूरा समय स्नान-दान के लिए शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ विशेष तिथियां ऐसी होती हैं जिनका महत्व अत्यधिक होता है। आइए जानते हैं प्रमुख स्नान तिथियां :

पहला मुख्य स्नान (पौष पूर्णिमा) — 3 जनवरी
दूसरा मुख्य स्नान (मकर संक्रांति) — 14 जनवरी
तीसरा मुख्य स्नान (मौनी अमावस्या) — 18 जनवरी
चौथा मुख्य स्नान (बसंत पंचमी) — 23 जनवरी
पाँचवाँ मुख्य स्नान (माघी पूर्णिमा) — 1 फरवरी
छठा मुख्य स्नान (महाशिवरात्रि) — 15 फरवरी

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त्रिवेणी संगम पर लगता है मेला

Magh Mela 2026  आपको बता दें कि इस महीने में किए गए स्नान, दान, जप और तप से व्यक्ति को विशेष आध्यात्मिक फल की प्राप्ति होती है। इसी कारण उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हर वर्ष माघ माह के दौरान भव्य माघ मेले का आयोजन किया जाता है। त्रिवेणी संगम (जहां गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है) के तट पर लगने वाला यह मेला आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम होता है। माघ मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और कल्पवासी संगम में पवित्र स्नान के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि माघ मास में संगम स्नान करने से अक्षय पुण्य, पापों से मुक्ति और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism & Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..