मथुरा, दो जुलाई (भाषा) मथुरा रिफाइनरी से सेवानिवृत्त एक अधिकारी को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच का डर दिखाकर साइबर ठगों ने दो बार में 44 लाख रुपये ऐंठ लिए।
पुलिस के मुताबिक, सेवानिवृत्त अधिकारी से कहा गया था कि यह राशि जांच पूरी होने तक जब्त रहेगी, लेकिन जब चार महीने बीतने पर भी धन वापस नहीं हुआ, तब उन्हें ठगे जाने का एहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस में मुकदमा दर्ज कराकर मदद की गुहार लगाई।
पुलिस सूत्रों ने साइबर थाने में दर्ज शिकायत के हवाले से बताया कि शहर कोतवाली की चंद्रलोक कॉलोनी में रहने वाले और मथुरा रिफाइनरी से सेवानिवृत्त अधिकारी गोपाल प्रसाद के मोबाइल फोन पर सात मार्च को किसी महिला ने फोन करके खुद को सीबीआई अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ बेंगलुरु में मुंबई के एक बैंक खाते से तीन करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायत के अनुसार, इसके बाद महिला ने खुद को पुलिस निरीक्षक बताते हुए लगातार व्हॉट्सएप कॉल करना शुरू कर दिया और उन्हें डराने-धमकाने के साथ-साथ परिजन को भी जांच में फंसाने की धमकी दी।
प्रसाद ने शिकायत में बताया कि वह इस घटनाक्रम से डर गए और फोन करने वालों से अपना बैंक विवरण और ओटीपी आदि गोपनीय जानकारी साझा कर दी, जिसके बाद 10 और 13 मार्च को उनके खातों से दो बार में 22-22 लाख की धनराशि अलग-अलग खातों में अंतरित कर ली गई।
अपर पुलिस अधीक्षक (अपराध) श्वेता यादव ने बताया कि प्रसाद की शिकायत पर 28 जून को मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भाषा
सं. सलीम पारुल
पारुल