(तस्वीरों सहित)
मथुरा (उप्र), 30 जून (भाषा) मथुरा जिले के राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के एक डबल-डेकर बस के कंटेनर ट्रक से टकरा जाने से बस चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 27 यात्री घायल हो गए। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार ने बताया कि हादसा तड़के करीब चार बजे राया थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे के 111वें और 112वें किलोमीटर के बीच हुआ जब लखनऊ से आ रही बस आगे चल रहे कंटेनर से जा टकराई।
एसएसपी ने कहा, ‘‘प्रारंभिक जांच और घायल यात्रियों के बयानों से पता चला कि दुर्घटना के समय बस अधिकृत चालक नहीं चला रहा था। उसके बजाय परिचालक (कंडक्टर) स्टीयरिंग संभाले हुए था और तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था।’’
उन्होंने बताया कि कंटेनर अपनी निर्धारित लेन में चल रहा था तभी तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पीछे से उससे टकरा गई।
एसएसपी ने कहा कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हादसे में बस चालक उपदेश यादव (35), परिचालक, खलासी और एक यात्री की मौत हो गई। मृतकों में तीन की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बस में सवार 34 अन्य यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें दूसरी बसों से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है।
हादसे के समय अधिकांश यात्री सो रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई यात्री सीटों के बीच फंस गए। उन्हें निकालने के लिए बचाव दल को गैस कटर से बस काटनी पड़ी। बचाव अभियान करीब दो घंटे तक चला।
स्वास्थ्य विभाग के त्वरित प्रतिक्रिया दल के प्रभारी डॉ. भूदेव प्रसाद ने बताया कि कुल 27 घायलों को जिला अस्पताल लाया गया था। इनमें से कुछ को बेहतर इलाज के लिए आगरा रेफर किया गया है।
उन्होंने बताया कि दो-तीन घायलों की हालत गंभीर है। उनकी जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है, जबकि बाकी सभी घायलों की स्थिति सामान्य है।
घटना के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना।
एसएसपी ने बताया कि पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी घायलों के उपचार की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही उनकी आगे की यात्रा की भी व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा, ‘‘सभी घायलों की स्थिति खतरे से बाहर है। दो यात्रियों को फ्रैक्चर हुआ है और उन्हें हरसंभव बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।’’
भाषा सं आनन्द खारी
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