परिवारवाद में फंस गये हैं संजय निषाद, निषादों को नहीं दिला सके आरक्षण: सहनी

परिवारवाद में फंस गये हैं संजय निषाद, निषादों को नहीं दिला सके आरक्षण: सहनी

परिवारवाद में फंस गये हैं संजय निषाद, निषादों को नहीं दिला सके आरक्षण: सहनी
Modified Date: September 19, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: September 19, 2026 10:29 pm IST

सोनभद्र (उप्र),19 सितंबर (भाषा) विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के अध्यक्ष और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद पर परिवारवाद में फंसने का आरोप लगाते हुए तंज किया कि पांच साल से सरकार में होने के बावजूद वह निषाद बिरादरी को आरक्षण नहीं दिलवा सके।

‘आरक्षण संकल्प’ यात्रा के तहत सोनभद्र पहुंचे सहनी ने एक कार्यक्रम में अपनी निषाद (मल्लाह) जाति के लोगों को संकल्प दिलवाया कि जब तक आरक्षण का लाभ उनकी जाति को नहीं मिलेगा तब तक वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।

उन्होंने बाद में संवाददाताओं से कहा कि आगामी 30 नवंबर तक यह अभियान गांव-गांव में चलेगा जिसके तहत निषाद समाज के सभी लोगों को आरक्षण की मांग के लिए संगठित एवं जागरुक किया जाएगा और इस दौरान 50 लाख लोगों को गंगाजल लेकर संकल्प दिलवाने का लक्ष्य है।

सहनी ने निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री संजय निषाद पर आरोप लगाते हुए कहा, ”संजय निषाद परिवारवाद में फंस गए हैं और सरकार में शामिल होकर अपनी दुकान चला रहे हैं।”

उन्होंने कहा, ”संजय निषाद को मंत्री बने पांच साल हो गए लेकिन वह निषाद बिरादरी को अभी तक आरक्षण नहीं दिलवा सके।”

बिहार के पूर्व पशुधन एवं मत्स्य विकास मंत्री सहनी ने कहा कि अगर निषाद बिरादरी को आरक्षण नहीं मिला तो 2027 के विधानसभा चुनाव में निषाद मतदाता भाजपा को वोट नहीं देंगे।

उन्होंने कहा कि वह पिछले साढ़े पांच माह से उत्तर प्रदेश में ‘निषाद आरक्षण जन संकल्प अभियान’ चला रहे हैं और आगामी 30 नवंबर तक यह अभियान गांव-गांव में पहुंचेगा जिसके तहत सभी निषाद समाज के लोगों को आरक्षण की मांग के लिए संगठित एवं जागरुक किया जाएगा।

सहनी ने कहा कि पार्टी के सभी कार्यक्रमों को सोशल मीडिया पर जोर-शोर से प्रचारित किया जाएगा जिससे सरकार और विपक्षी दलों पर दबाव बनाया जा सके।

विकासशील इंसान पार्टी खासकर बिहार में निषाद मल्लाह बिरादरी के बीच सियासी प्रभाव रखने वाली पार्टी मानी जाती है। भाषा सं. सलीम शोभना

शोभना


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