बरेली में छात्र प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी का आरोप, सुरक्षा बढ़ाई गई
बरेली में छात्र प्रदर्शनकारियों से बदसलूकी का आरोप, सुरक्षा बढ़ाई गई
बरेली (उप्र), 27 जुलाई (भाषा) जिले में फरीदपुर की महादेव कॉलोनी निवासी करीब 20 वर्षीय दो छात्रों ने एक हिंदू संगठन से जुड़े कार्यकर्ता पर बदसलूकी करने आरोप लगाते हुए सरकार तथा पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फरीदपुर थाना प्रभारी राधेश्याम ने कहा कि छात्रों-आयुष रंजन और राहुल पाल को कोई खतरा नहीं है, तथा इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।
आयुष के अनुसार, वह और राहुल 23 जुलाई को दिल्ली में धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। रात उन्होंने एक गुरुद्वारे में बिताई। 25 जुलाई की सुबह जब दोनों जंतर-मंतर जा रहे थे, तो एक कार उनके सामने रुकी। कार में सवार युवकों ने उन्हें रोका और गाली-गलौज शुरू कर दी।
आयुष ने आरोप लगाया कि हमलावरों में से एक ने अपना नाम सत्यम पंडित बताया और मारपीट भी की। आयुष का कहना है कि घटना के समय पास में पुलिस मौजूद थी लेकिन उन्हें लगा कि शिकायत नहीं सुनी जाएगी, इसलिए मौके पर शिकायत नहीं की।
जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा सत्यम पंडित का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें वह कथित तौर पर दो युवा प्रदर्शनकारियों से नाम, पता और धर्म पूछते और एक को थप्पड़ मारते दिख रहे हैं। वीडियो में गाली-गलौज भी सुनाई दे रही है। बार-बार कोशिश के बावजूद सत्यम पंडित से संपर्क नहीं हो सका।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 25 जुलाई को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ! भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें।”
उन्होंने कहा कि “इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं।”
यादव ने कहा, “भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या यह भी ‘डबल इंजन’ की टकराहट के कारण हो रहा है।”
सपा प्रमुख ने आरोपियों की तुरंत गिरफ़्तारी की मांग करते हुए कहा, “भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।”
सपा जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि पार्टी छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने केंद्र से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने कहा कि छात्रों के साथ हुआ दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।
भाषा सं आनन्द रंजन नेत्रपाल
नेत्रपाल

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