निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय में आरोपपत्र सौंपा गया

निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय में आरोपपत्र सौंपा गया

निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को शामली जिलाधिकारी कार्यालय में आरोपपत्र सौंपा गया
Modified Date: February 10, 2026 / 02:52 pm IST
Published Date: February 10, 2026 2:52 pm IST

मुजफ्फरनगर (उप्र), 10 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से निलंबित किए गए प्रांतीय प्रशासनिक सेवा (पीसीएस) 2019 बैच के अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री को शामली स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में आरोपपत्र सौंपा गया।

अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को शामली पहुंचे थे, जहां उन्होंने जिलाधिकारी अरविंद कुमार से आरोपपत्र प्राप्त किया। इसके बाद अलंकार ने कहा कि आरोपों पर जवाब देने के लिए उन्होंने एक माह का समय मांगा है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, आरोपपत्र में तीन प्रमुख आरोप शामिल हैं जिनमें केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देना, सरकारी पद पर रहते हुए जाति आधारित टिप्पणी करना तथा सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन करते हुए विरोध-प्रदर्शन व नारेबाजी में भाग होना शामिल हैं।

इस मामले में बरेली मंडल के आयुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार के नियुक्ति अनुभाग से चार फरवरी को आरोपपत्र प्राप्त हुआ था, जिसे अगले दिन तामील के लिए शामली के जिलाधिकारी को भेज दिया गया।

इसी बीच, ब्राह्मण समुदाय के लोगों ने शामली में ब्राह्मण समाज के नेता ओमप्रकाश शर्मा के आवास पर अग्निहोत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर ब्राह्मण समाज के सहारनपुर मंडल अध्यक्ष यू.के. शर्मा भी मौजूद थे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बरेली में तैनात नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में 26 जनवरी की देर रात निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद उन्हें शामली के जिलाधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है।

इससे पहले, अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों, विशेषकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले पर नाराजगी जताते हुए 26 जनवरी को दिन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर विवाद उत्पन्न हो गया था।

भाषा सं आनन्द खारी

खारी


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