कौशांबी (उप्र), एक सितंबर (भाषा) उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक पटाखा फैक्टरी में हुए विस्फोट के मुख्य आरोपी को मंगलवार तड़के पुलिस के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
कौशांबी जिले के पिपरी थानाक्षेत्र में एक पटाखा फैक्टरी में सोमवार दोपहर जबरदस्त धमाका हो जाने से आठ बच्चों समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की पहचान पटाखा फैक्टरी के मालिक नौशाद के रूप में हुई है। गोलीबारी के दौरान उसके पैर में गोली लग गई और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
चायल पुलिस क्षेत्राधिकारी शिवांक सिंह ने कहा कि विस्फोट के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में नौशाद, उसके बेटे आदिल, पत्नी कहकशां बानो, भाई शकील, भाभी शबाना और भतीजी साइना को नामजद किया गया है।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीम गठित कीं। सिंह ने कहा कि टीम विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर रही हैं।
मंगलवार तड़के करीब चार बजे एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि नौशाद चरवा थाना क्षेत्र के तेरह मील के पास मौजूद है और कथित तौर पर कहीं भागने की फिराक में है।
अधिकारी ने बताया कि चरवा पुलिस और विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और नौशाद को घेर लिया।
पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा पाकर नौशाद ने जान से मारने की नियत से टीम पर गोली चला दी ।
सिंह ने कहा, पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसके दौरान उसके पैर में गोली लगी। बाद में उसे पकड़ लिया गया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में नौशाद ने कथित तौर पर बताया कि वह अपने सहयोगियों के साथ अवैध रूप से पटाखे और अन्य विस्फोटक सामग्री तैयार कर उन्हें आर्थिक लाभ के लिए फैक्टरी में रखता था। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, फैक्टरी मनूरी कस्बे से करीब एक किलोमीटर दूर विकसित हो रही आवासीय बस्ती के बीच स्थित थी। इसके आसपास आठ-दस मकान बने हुए थे। पुलिस ने बताया कि नौशाद के पास कई वर्ष पहले लिया गया पटाखा फैक्टरी का लाइसेंस था, लेकिन आठ अक्टूबर 2024 को निरीक्षण के दौरान उसके गोदाम से करीब 1,200 किलोग्राम बारूद और अन्य विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी।
इस मामले में पिपरी थाने में नौशाद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और विस्फोटक अधिनियम की धाराओं चार व पांच के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। उसका लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया था।
पुलिस का आरोप है कि इसके बावजूद नौशाद ने अवैध रूप से फैक्टरी का संचालन जारी रखा।
जिलाधिकारी अमित पाल ने बताया कि प्रशासन ने सोमवार रात फैक्टरी को ध्वस्त करने का आदेश दिया। रात करीब नौ बजे उत्खनन मशीनों की मदद से फैक्टरी का ढांचा ढहा दिया गया।
जिले के प्रभारी मंत्री कृष्णा पासवान ने सोमवार देर शाम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जिलाध्यक्ष धर्मराज मौर्य, चायल विधायक पूजा पाल और अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ घटनास्थल का दौरा किया तथा पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया।
भाषा सं. जफर गोला
गोला