हरदोई (उप्र), चार जून (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने राष्ट्रीय पात्रता सह परीक्षा (नीट) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ‘‘पेपर लीक के धंधे’’ में हजारों करोड़ रुपये का ‘‘भ्रष्टाचार’’ हो रहा है।
बुधवार को यहां पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में नौजवान छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हैं, लेकिन पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करना मानो गुनाह बना दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘पेपर लीक के कारोबार में हजारों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हो रहा है और इसकी कीमत मेहनतकश छात्रों को चुकानी पड़ रही है।’’
आप नेता ने दावा किया, ‘‘2017 से अब तक उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार के कार्यकाल में अनेक परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे सालभर कड़ी मेहनत करने वाले छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया।’’
उन्होंने हाल में प्रयागराज में पेपर लीक के मुद्दे पर विद्यार्थियों से संवाद करने से पुलिस और प्रशासन द्वारा रोके जाने की घटना को ‘‘तानाशाहीपूर्ण’’ करार दिया। सिंह ने कहा कि वह इस मामले में संबंधित अधिकारियों को विशेषाधिकार हनन का नोटिस देंगे।
सिंह ने आरोप लगाया कि उनके कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे दो युवकों आशुतोष पांडेय और पंकज पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि इन दोनों युवकों की तीन जून को टीजीटी परीक्षा थी, जिसका वे पिछले पांच वर्षों से इंतजार कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि युवाओं से संवाद के ऐसे कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।
सिंह ने बताया कि उन्होंने लखीमपुर खीरी में नीट परीक्षा के बाद आत्महत्या करने वाले छात्र ऋतिक मिश्रा के परिजनों से मुलाकात की थी।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का डर दिखाकर राजनीतिक दलों को तोड़ना उसका ‘‘खेल’’ बन चुका है।
सिंह ने कहा कि जनता ही इस ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण राजनीति’’ का जवाब देगी।
भाषा सं सलीम वैभव खारी
खारी