बहराइच में तीन होमगार्ड ने आईएएस पर जातिगत गाली-गलौज और उत्पीड़न का आरोप लगाया, जांच की मांग

बहराइच में तीन होमगार्ड ने आईएएस पर जातिगत गाली-गलौज और उत्पीड़न का आरोप लगाया, जांच की मांग

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  • Publish Date - January 8, 2026 / 02:44 PM IST,
    Updated On - January 8, 2026 / 02:44 PM IST

बहराइच, (उप्र), आठ जनवरी (भाषा) बहराइच जिले के महसी तहसील में उपजिलाधिकारी की सुरक्षा में तैनात ब्राह्मण वर्ग के तीन होमगार्ड जवानों ने उनपर जातिसूचक अपशब्द कहने, शारीरिक उत्पीड़न कराने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

होमगार्ड जवानों ने इस संबंध में अपने उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत पत्र में कहा गया है कि बुधवार को ड्यूटी के दौरान उपजिलाधिकारी एक दिव्यांग व्यक्ति को प्रस्तुत करने पर नाराज हो गए और कथित तौर पर जातिसूचक गालियां दीं।

होमगार्ड का आरोप है कि उपजिलाधिकारी ने अपने ‘गनर’ एवं ‘चालक’ को उन्हें दौड़ लगवाने और उठक-बैठक कराने के निर्देश दिए तथा इसका फोटो भेजने को कहा। आरोप है कि इसके बाद उन्हें ड्यूटी स्थल से भगा दिया गया और जान-माल की धमकी भी दी गई।

होमगार्ड विभाग की महसी कंपनी के आरक्षी राजाराम शुक्ला, रमाकान्त मिश्र और राम कुमार तिवारी इन दिनों उपजिलाधिकारी महसी की सुरक्षा ड्यूटी में लगे हैं।

तीनों जवानों ने अपने शिकायती पत्र में कहा है कि उपजिलाधिकारी द्वारा ड्यूटी व्यवस्था में भी मनमानी की जा रही है, जिससे उनकी ड्यूटी 24 से 48 घंटे तक लगातार हो जाती है।

रमाकान्त मिश्र ने बुधवार शाम पत्रकारों से कहा, “हमने जिला कमांडेंट के साथ-साथ मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को भी पत्र भेजा है। यदि हमें न्याय नहीं मिला और उपजिलाधिकारी को निलंबित नहीं किया गया तो हम आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे।”

इस मामले में जिला होमगार्ड कमांडेंट ताज रसूल ने बृहस्पतिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “महसी में तैनात तीन होमगार्ड जवानों ने उपजिलाधिकारी के खिलाफ गाली-गलौज, जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल एवं अन्य आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया है। यह पत्र जिलाधिकारी को भेजा जाएगा। जांच समिति बनाकर जांच कराने का निर्णय जिलाधिकारी स्तर पर लिया जाएगा।”

महसी के उपजिलाधिकारी (आईएएस) आलोक प्रसाद ने आरोपों को निराधार बताया है।

उन्होंने बुधवार शाम पत्रकारों से कहा, “एक दिव्यांग फरियादी जमीन पर घिसटते हुए मेरे चैंबर में आया था। कुर्सी पर बैठते समय वह गिरते-गिरते बचा, जबकि तीनों होमगार्ड वहीं बैठे तमाशा देख रहे थे। इस पर मैंने उन्हें फटकार लगाते हुए केवल यह कहा कि आप लोगों में संवेदना नहीं है। इसके अलावा मुझे किसी अन्य आरोप की जानकारी नहीं है।”

भाषा सं जफर मनीषा राजकुमार

राजकुमार