मथुरा (उप्र), 21 अगस्त (भाषा) वृंदावन में शुक्रवार सुबह निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत की शटरिंग गिर जाने से तीन मजदूरों की मौत हो गई तथा कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।
ओमैक्स के महाप्रबंधक आर. के. जैन ने बताया कि यह घटना सुबह करीब सात बजे वृंदावन कोतवाली थाना क्षेत्र के रुक्मिणी विहार इलाके में स्थित ओमैक्स मॉल निर्माण स्थल पर हुई। उस समय मजदूर चौथी मंजिल पर बाहर निकले हुए स्लैब के लिए कंक्रीट डालने का काम कर रहे थे।
शटरिंग गिर जाने से कई मजदूर उसके नीचे दब गए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया। पुलिस व दमकल विभाग ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से घायलों को मलबे में से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस ने बताया कि नेपाल निवासी मजदूर शिवराम (42) की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनकी पहचान पश्चिम बंगाल के रफीकुल और आलम (दोनों की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच) के रूप में की गई है।
दिलदार सिंह (40) की स्थिति बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। अन्य कई मजदूरों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि दमकल विभाग ने घटनास्थल पर छानबीन कर ली है और अब कोई अन्य मजदूर वहां दबा हुआ नहीं है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और शटरिंग गिरने के कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को जल्द से जल्द राहत और बचाव कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लिया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवारों की शिकायतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मौके पर मौजूद ओमैक्स के महाप्रबंधक जैन ने भी परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को चिकित्सा उपचार और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
मॉल का निर्माण करने वाली निर्माण कंपनी के प्रतिनिधि चन्द्रशेखर शुक्ला ने एक बयान में घोषणा की कि कंपनी तीन मृत श्रमिकों में से प्रत्येक के परिजनों को 20 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी और सभी घायलों के चिकित्सा उपचार के अलावा, उनके आश्रितों को दो लाख रुपये प्रदान करेगी।
मृतकों के परिजन प्रत्येक परिवार के लिए कथित तौर पर 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में, जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण से अनुमोदन के बाद क्रियान्वित की जा रही थी, लेकिन इसकी गहन जांच की आवश्यकता है कि यह घटना कैसे हुई और कहां चूक हुई। उन्होंने कहा कि इस जांच की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को सौंपी जा रही है।
सिंह ने कहा कि जांच में शटरिंग गिरने के कारणों के साथ-साथ निर्माण के दौरान अपनाए जा रहे सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी। यह भी सत्यापित किया जाएगा कि क्या शटरिंग तकनीकी विशिष्टताओं के अनुसार स्थापित की गई थी और क्या श्रमिकों के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दुर्घटना की जवाबदेही तय की जाएगी।
भाषा सं आशीष
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