UP-Japan Investment Summit 2026/Image Credit: @myogiadityanath
UP-Japan Investment Summit 2026: लखनऊ: उत्तर प्रदेश और जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर के बीच आर्थिक, पर्यटन और रोजगार संबंधों को नई मजबूती देने के लिए यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में तीन महत्वपूर्ण एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इन समझौतों के जरिए उत्तर प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन को बढ़ावा देने तथा जापानी भाषा में दक्ष वर्कफोर्स की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में सहयोग का रास्ता तैयार हुआ।
सबसे पहले इन्वेस्ट यूपी और जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर (टीटीआरसी) के बीच एमओयू का आदान-प्रदान हुआ। उत्तर प्रदेश की ओर से अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने समझौते का प्रतिनिधित्व किया, जबकि जापानी पक्ष की ओर से जापान टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर सुचकी कमाडा ने भाग लिया। कार्यक्रम में बताया गया कि टीटीआरसी के प्रयासों से अब तक 100 से अधिक उत्तर प्रदेश के युवाओं को जापान में रोजगार हासिल हो चुका है। (UP-Japan Investment Summit 2026)
इन युवाओं के लिए जापान में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को कार्यक्रम में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। इस अवसर पर जापान में रोजगार हासिल करने वाले उत्तर प्रदेश के दो युवाओं पुष्पेंद्र सिंह चौहान और आदर्श कुमार कुशवाहा को मंच पर आमंत्रित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उनकी सफलता को जापान और उत्तर प्रदेश के बीच बढ़ते कौशल एवं रोजगार संबंधों का उदाहरण बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जापान में रोजगार हासिल करने वाले इन युवाओं और टीटीआरसी के प्रयासों के लिए तालियों से उत्साहवर्धन किया।
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UP-Japan Investment Summit 2026: दूसरा एमओयू उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच हुआ। इसका उद्देश्य दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटकों की आवाजाही को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन क्षेत्र में इनहांस्ड एंड सस्टेन्ड इंगेजमेंट विकसित करना है। उत्तर प्रदेश की ओर से पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और जापान की ओर से यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के संस्कृति, पर्यटन एवं खेल विभाग के डायरेक्टर जनरल योशी यूकी कोजुमी ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।
समझौते के माध्यम से दोनों क्षेत्रों के पर्यटन संसाधनों और संभावनाओं को एक-दूसरे के सामने प्रस्तुत करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तथा पर्यटन क्षेत्र में निरंतर संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने का आधार तैयार हुआ है। इससे उत्तर प्रदेश के आध्यात्मिक, बौद्ध, सांस्कृतिक एवं हेरिटेज पर्यटन को जापानी पर्यटकों के बीच बढ़ावा देने की संभावनाएं मजबूत होंगी।
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तीसरा एमओयू उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग और यामानाशी प्रीफेक्चर, जापान के बीच हुआ। इसका उद्देश्य जापानी भाषा में दक्ष वर्कफोर्स की निरंतर आपूर्ति के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। उत्तर प्रदेश की ओर से श्रम एवं सेवायोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शनमुखा सुंदरम ने एमओयू का प्रतिनिधित्व किया, जबकि जापानी पक्ष की ओर से यामानाशी प्रीफेक्चर सरकार के डायरेक्टर जनरल, इनोवेशन प्रमोशन ब्यूरो, कत्सुया हादा ने भाग लिया। (UP-Japan Investment Summit 2026)
समझौते के तहत जापानी भाषा में दक्ष मानव संसाधन तैयार करने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। इससे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए जापान में रोजगार के नए अवसर खुलने के साथ जापानी कंपनियों की प्रशिक्षित और भाषा-दक्ष वर्कफोर्स की जरूरत को भी पूरा करने में मदद मिलेगी।
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