मुंबई, 21 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र भर में चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (आरटीओ) ने मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान न होने के कारण 1,499 गैर-मराठी भाषी ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किये।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) को छोड़कर पूरे महाराष्ट्र में 5,299 ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों का भाषा परीक्षण किया गया, जिनमें से 777 चालकों के पास मराठी का पर्याप्त कामकाजी ज्ञान नहीं पाया गया। उन्होंने कहा, ‘ऐसे सभी चालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।’
अधिकारी ने बताया कि एमएमआर क्षेत्र में 3,482 चालकों का मूल्यांकन किया गया, जिनमें से 722 चालक परीक्षण में विफल रहे और उनमें से 622 को नोटिस जारी किए गए हैं।
परिवहन विभाग का यह अभियान बृहस्पतिवार को शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी ऑटो और टैक्सी चालकों को यात्रियों से संवाद करने लायक मराठी भाषा का कामकाजी ज्ञान हो।
एक महीने तक चलने वाले इस अभियान के पहले दिन 8,217 चालकों का परीक्षण किया गया था, जिसमें से 1,268 व्यावसायिक यात्री वाहन चालकों (ऑटो और टैक्सी चालक) को भाषा प्रवीणता परीक्षा में असफल होने पर नोटिस दिया गया था। इनमें से 604 नोटिस अकेले एमएमआर क्षेत्र में जारी किए गए थे।
आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, यह जांच उड़नदस्तों और आरटीओ कार्यालयों में वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र के नवीनीकरण के दौरान की जा रही है।
यह अभियान 30 सितंबर तक जारी रहेगा।
भाषा सुमित सुरेश
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