बहराइच, 19 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में 10 ‘अवैध’ मजारों को जिला प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से ध्वस्त करा दिया हालांकि वक्फ सम्पत्ति के तौर पर दर्ज एक मजार को नहीं हटाया गया।
बुलडोजर की कार्यवाही के दौरान तहसील प्रशासन, नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी प्रमिता सिंह और उनकी टीम व आसपास के तीन थानों के पुलिसकर्मी तैनात रहे।
नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने सोमवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि बहराइच जिले में महाराजा सुहेलदेव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कालेज) परिसर से सटी रसूल शाह बासवाड़ी के नाम से एक मजार वक्फ सम्पत्ति के तौर पर दर्ज है।
उन्होंने बताया कि मजार परिसर के मुतवल्ली के तौर पर वक्फ बोर्ड में हनीफ का नाम दर्ज है और कुछ साल पूर्व हनीफ की मौत हो गयी थी, तब से परिसर की देखरेख उनके पुत्र शफीक करते रहे हैं।
प्रसाद ने बताया कि मजार के प्रबंधकों ने वक्फ में दर्ज एक मजार के अलावा धीरे-धीरे करीब दो हजार वर्ग फुट जमीन पर अवैध कब्जा कर छोटी-बड़ी 10 मजारें बना लीं और वहां चारदीवारी का निर्माण कर लिया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2002 में एक शिकायत पर तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट ने इन सभी मजारों को अवैध करार देकर प्रबंधन को नोटिस दिया और मजार प्रबंधन नगर मजिस्ट्रेट की अदालत से मुकदमा हार गया।
अधिकारी ने बताया कि इस पर जिलाधिकारी की अदालत में अपील की गयी लेकिन साल 2004 में वहां से भी मजार प्रबंधन के खिलाफ ही निर्णय आया तब प्रबंधकों ने देवीपाटन मंडलायुक्त की अदालत में अपील दायर की।
उन्होंने बताया कि आयुक्त की अदालत ने 2019 में फैसला सुनाया कि वक्फ सम्पत्ति के तौर पर दर्ज एक मजार को छोड़कर शेष सभी मजारें अवैध हैं, लिहाजा इन्हें हटाया जाए।
प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2019 में मजार संचालकों ने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए आयुक्त से दो दिन का समय मांगा था लेकिन तब से आज तक अवैध कब्जा बरकरार रहा।
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के आदेश पर 10 जनवरी को मजार प्रबंधन को अदालत के आदेश का पालन करते हुए 17 जनवरी तक अवैध निर्माण हटाने का नोटिस दिया गया था।
उन्होंने बताया कि जब संचालकों ने उसके बाद भी अवैध कब्जा नहीं हटाया तब सोमवार को बुलडोजर की मदद से 10 मजारों को ध्वस्त कर दिया गया।
भाषा सं. सलीम जितेंद्र
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