उप्र: केजीएमयू के पूर्व जूनियर रेजिडेंट और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर

उप्र: केजीएमयू के पूर्व जूनियर रेजिडेंट और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर

उप्र: केजीएमयू के पूर्व जूनियर रेजिडेंट और तीन अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर
Modified Date: February 28, 2026 / 07:29 pm IST
Published Date: February 28, 2026 7:29 pm IST

लखनऊ, 28 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के एक पूर्व जूनियर रेजिडेंट और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ महिला चिकित्सक के कथित यौन शोषण और गैरकानूनी धर्म परिवर्तन के मामले में पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) विश्वजीत श्रीवास्तव ने शनिवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन नाइक उर्फ रमीज मलिक, उसके पिता सलीमुद्दीन, मां खदीजा और निकाह गवाह शारिक खान के खिलाफ करीब 250 पन्नों का आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।

अधिकारी ने बताया, “आरोपी चिकित्सक पर भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 की धारा तीन और पांच के तहत दुष्कर्म, आपराधिक धमकी और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया गया है।”

उन्होंने बताया, “आरोपी चिकित्सक के माता-पिता व सह-अभियुक्तों पर सहायता करने, उकसाने और शरण देने का आरोप लगाया गया है।”

पुलिस ने बताया कि शादी कराने वाले पीलीभीत के मौलवी सैयद जाहिद हसन को आरोपपत्र में नामजद नहीं किया गया है।

अधिकारी ने बताया, “उनकी भूमिका की जांच जारी है और अगर उनके खिलाफ सबूत मिले तो एक पूरक आरोप पत्र दायर किया जाएगा।”

केजीएमयू की एक महिला कनिष्ठ चिकित्सक की शिकायत पर पिछले साल दिसंबर में चौक थाने में मामला दर्ज किया गया था।

महिला चिकित्सक ने आरोप लगाया था कि आरोपी चिकित्सक ने अपनी वैवाहिक स्थिति छिपाई, शादी के बहाने उसका यौन शोषण किया, उसे गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया और उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला।

जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि फरवरी 2025 में आरोपी ने एक अन्य महिला चिकित्सक का कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराया था और उससे शादी की।

पुलिस ने संबंधित महिला से संपर्क किया और मजिस्ट्रेट के सामने उसका बयान दर्ज किया।

महिला ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन की बात स्वीकार की।

श्रीवास्तव ने बताया कि आरोप पत्र में कई गवाहों के बयान के साथ-साथ जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण भी शामिल है।

पुलिस ने बताया कि आरोपी चिकित्सक को नौ जनवरी को लखनऊ में गिरफ्तार किया गया था जबकि उसके माता-पिता को पहले हिरासत में लिया गया था और बाद में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच जारी है।

भाषा चंदन जफर रवि कांत जितेंद्र

जितेंद्र


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