लखनऊ, 16 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार की बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि बच्चों को मानक के अनुसार पोषाहार दिया जा रहा है और बच्चों के कुपोषण में कमी आई है।
हालांकि, मौर्य समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य के अनुपूरक प्रश्न का उत्तर नहीं दे सकीं और उन्होंने कहा कि आपको लिखित में प्रश्न का उत्तर भिजवा दूंगी।
विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल में समाजवादी पार्टी (सपा) की सदस्य डॉक्टर रागिनी सोनकर ने प्रदेश के बच्चों में दीर्घकालिक कुपोषण की स्थिति अधिक होने के मद्देनजर इसे कम करने के लिए विशेष योजनाओं के बारे में लिखित प्रश्न किया था जिसके जवाब में मंत्री ने लिखित उत्तर दिया।
सपा सदस्य रागिनी सोनकर ने अनुपूरक प्रश्न पूछते हुए कहा कि प्रदेश में बच्चे, स्तनपान कराने वाली महिलाएं, गर्भवती महिलाएं और बालिकाएं आज कुपोषण और एनीमिया की शिकार होते जा रहे हैं और राज्य के 50 प्रतिशत से ज्यादा बच्चे, महिलाएं, किशोरियां कुपोषण का शिकार हो रही हैं।
सपा सदस्य ने आरोप लगाते हुए प्रश्न किया कि ”क्या आप भाजपा किशोरियां, माताएं, बच्चों का दुख देखती हैं। क्या सिर्फ आपको कुर्सी पर बिठाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। आपका विभाग गोलमाल और झोलमाल सिर्फ इसीलिए प्रचलित हो गया है। दूध में पानी ज्यादा है।”
उन्होंने अपने प्रश्न को स्पष्ट करते हुए कहा कि योजना के अनुसार छह माह से छह वर्ष के बच्चे के लिए आठ रुपये का मानक है, महिला के लिए साढ़े नौ रुपये का मानक है जबकि किशोरियों के लिए 12 रुपये का मानक है जबकि आज की महंगाई को देखते हुए चना 80 रुपये किलोग्राम, एक अंडा पांच रुपये से ज्यादा, दूध 66 रुपये लीटर है और अगर एक बच्चे को 250 मिलीलीटर दूध देते हैं तो उसका मानक 12 रुपये आ रहा है। ऐसी स्थिति में क्या आप विश्लेषण करेंगी कि क्या हमारे बच्चों को किस मानक पर 600 कैलोरी का आहार और साथ में 30 ग्राम प्रोटीन कैसे दे रही हैं, इसका जवाब दीजिए। उन्होंने और भी कई अनुपूरक सवाल किये।
सपा सदस्य पंकज मलिक ने भी पूरक प्रश्न में मुजफ्फरनगर जिले से संबंधित कुपोषित बच्चों समेत कई अनुपूरक प्रश्न किये।
रागिनी सोनकर के प्रश्न के उत्तर में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने जब बोलना शुरू किया तो विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि जो उन्होंने प्रश्न किया और आपने जो लिखित उत्तर दिया, उसका उत्तर सबके पास है, उन्होंने जो अनुपूरक प्रश्न किया उसका जवाब दीजिए।
बेबी रानी मौर्य ने कहा कि ”वैसे तो उनको लिखित में यह पूछना चाहिए था लेकिन नहीं पूछा है तो संभवत: उसका जवाब नहीं दे पाऊंगी।” अध्यक्ष ने कहा कि अनुपूरक प्रश्न उससे जुड़ा हुआ है।
इसके बाद मौर्य ने कहा, ”हम तो कह रहे हैं कि आपने (रागिनी) जो अलग से जानकारी मांगी है, उसकी आपको लिखित जानकारी उपलब्ध करा देंगे।”
भाषा
आनन्द
रवि कांत