विभिन्न शिकायतों को लेकर 178 निजी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किये : उप्र सरकार

Ads

विभिन्न शिकायतों को लेकर 178 निजी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किये : उप्र सरकार

  •  
  • Publish Date - February 16, 2026 / 03:24 PM IST,
    Updated On - February 16, 2026 / 03:24 PM IST

लखनऊ, 16 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को कहा कि राज्य में विभिन्न शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 178 निजी अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त किये गये हैं। उनमें से 59 के लाइसेंस आवश्यक सुनवाई के बाद बहाल कर दिये गये हैं।

विधानसभा में समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्य अतुल प्रधान के एक अनुपूरक प्रश्न का जवाब देते हुए पाठक ने कहा, ”निजी अस्पतालों के खिलाफ करीब 500 शिकायतें मिलीं और हमने 1678 अस्पतालों के लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। इसके बाद कुछ अस्पतालों ने सम्बन्धित प्राधिकरण में अपील की थी, जिसमें सुनवाई के बाद 59 निजी अस्पतालों के लाइसेंस बहाल कर दिये गये थे।”

पाठक ने सदन को यह भी बताया कि नियमों का उल्लंघन कर संचालित किये जा रहे 281 निजी अस्पतालों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी है। इसके अलावा 533 अस्पताल सील किये गये।

उन्होंने कहा, ”अब तक 1542 अस्पतालों को नोटिस जारी करके कहा गया है कि वे अपने कामकाज में सुधार करें।”

सपा सदस्य ने अपने तारांकित प्रश्न में जानना चाहा था कि क्या सरकार के पास राज्य में निजी अस्पतालों द्वारा इलाज के खर्च के नाम पर भारी रकम वसूले जाने, डॉक्टरों के परामर्श शुल्क और अलग-अलग चिकित्सीय परीक्षणों की दरें तय करने और उनमें मनमानी बढ़ोत्तरी को रोकने के लिए कोई योजना है ?

इसके लिखित जवाब में पाठक ने कहा, ”राज्य सरकार की ऐसी कोई नीति नहीं है जिससे राज्य में निजी चिकित्सकों के परामर्श शुल्क और अलग-अलग मेडिकल टेस्ट की दरें निर्धारित की जा सकें, उनमें एकरूपता सुनिश्चित की जा सके और मनमानी बढ़ोत्तरी को रोका जा सके।”

उन्होंने कहा, ”राज्य सरकार द्वारा बनाए गए अलग-अलग अस्पतालों में आम जनता को मुफ़्त इलाज (चिकित्सीय परामर्श और दवाओं सहित) की सुविधा दी जा रही है।”

पाठक ने कहा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के तहत आयुष्मान कार्ड धारकों को एक लाख रुपये तक का इलाज नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। सरकारी और निजी अस्पतालों में तय पैकेज के हिसाब से पांच लाख रुपये तक का इलाज और 70 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत लाभ दिये जाते हैं।

भाषा अरुणव सलीम मनीषा

मनीषा