Odisha Anganwadi News / Image Source : AI GENERATED
केंद्रपाड़ा: Odisha Anganwadi News ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई जिसने सबको हैरान कर दिया। यहाँ के एक आंगनवाड़ी केंद्र में एक दलित महिला को खाना बनाने के लिए रखा गया था, लेकिन गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। यह विरोध इतना ज्यादा बढ़ गया कि माता-पिताओं ने अपने बच्चों को आंगनवाड़ी भेजना ही बंद कर दिया, जिसकी वजह से यह सेंटर पिछले तीन महीनों से बंद पड़ा था। इस मामले को शांत करने के लिए भाजपा सांसद बैजयंत पांडा खुद उस आंगनवाड़ी केंद्र पहुंच गए और वहां उसी दलित महिला के हाथों से बना भोजन खाया।
पूरा मामला राजनगर ब्लॉक के नुआगांव सेंटर का है। करीब चार महीने पहले, 24 नवंबर 2025 को एक ग्रेजुएट दलित महिला सरमिस्ता सेठी को यहाँ हेल्पर के तौर पर नियुक्त किया गया था। सरमिस्ता के काम संभालते ही गांव की एक कमेटी ने आपत्ति जताई और ऊंची जाति के लोगों ने बच्चों को सेंटर आने से रोक दिया। सरमिस्ता ने बताया कि उन्हें धमकियां भी दी गईं कि वे बच्चों के लिए खाना न बनाएं। Viral News जब सरकारी अधिकारी इस विवाद को नहीं सुलझा पाए, तब भाजपा सांसद बैजयंत पांडा खुद उस आंगनवाड़ी केंद्र पहुंच गए और वहां उसी दलित महिला के हाथों से बना भोजन खाया।
सांसद बैजयंत पांडा की इस पहल ने समाज को एक बहुत बड़ा संदेश दिया है कि छुआछूत और भेदभाव के लिए आधुनिक भारत में कोई जगह नहीं है। उनके इस कदम ने न केवल तीन महीने से चल रहे विवाद को खत्म करने की कोशिश की, बल्कि सरमिस्ता जैसी महिलाओं को सम्मान से काम करने का हौसला भी दिया।
▶️केंद्रपाड़ा: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के नुआगांव में एक दलित लड़की को आंगनवाड़ी सेंटर का कुक बनाने पर कई मां-बाप ने अपने बच्चों को वहां भेजना ही बंद कर दिया था।
▶️अब सामाजिक सौहार्द को बढ़ाने और जाति के आधार पर कथित भेदभाव की चिंताओं को दूर करने के लिए केंद्रपाड़ा के बीजेपी… pic.twitter.com/JNnPiQmSmT
— IBC24 News (@IBC24News) February 16, 2026