उप्र : सहारनपुर में चीनी मांझे की चपेट में आने से चील घायल

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उप्र : सहारनपुर में चीनी मांझे की चपेट में आने से चील घायल

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 03:39 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 03:39 PM IST

सहारनपुर, 10 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में प्रतिबंधित चीनी मांझे की चपेट में आने से एक चील बुरी तरह घायल हो गई। एक पार्षद के प्रयास से नगर निगम की टीम ने चील को बचा लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सहारनपुर के आनन्द नगर पार्क में एक पेड़ पर एक चील घायल अवस्था में मिली, चील का पास में ही घोसला भी था और उसमें चील के बच्चे भी थे। रात के समय जब चीनी मांझे में फंसी चील के फड़फड़ाने की आवाज क्षेत्रवासियों ने सुनी तो पार्षद और नगर निगम कार्यकारिणी के सदस्य मंसूर बदर को इसकी जानकारी दी।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बदर के प्रयास से नगर निगम की लिफ्ट वाली गाड़ी और उद्यान विभाग की टीम मौके पर पहुंची। चील चीनी मांझे में फंसी हुई थी। कई घंटों की मशक्कत के बाद रात में ही इस चील को मांझे से मुक्त कराया गया।

बदर ने बताया कि चील इस मांझे की वजह से बुरी तरह घायल हो चुकी थी, इसलिये नगर निगम की टीम ने मौके पर ही हल्दी और दवा लगाकर उसका प्राथमिक उपचार कर दिया।

पार्षद बदर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जैसे ही उनको पेड़ पर चीनी मांझे की चपेट में चील के फंसे होने की सूचना मिली तो उन्होंने नगर आयुक्त और सहायक नगर आयुक्त उद्यान प्रभारी को इसकी जानकारी दी। देर रात होने के बावजूद दोनों अधिकारियों ने इस बात को सुबह के लिये नहीं टाला, बल्कि तुरंत ही तत्परता दिखाई।

पार्षद ने कहा कि सबकी तत्परता से ही चील इस मांझे से मुक्त हो सकी। क्षेत्रवासियों ने पार्षद बदर सहित नगर निगम का आभार व्यक्त किया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिबंधित चीनी मांझे (पतंग की डोर) के निर्माण, बिक्री और वितरण के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है और राज्य में संचालित संपूर्ण आपूर्ति नेटवर्क की गहन जांच के आदेश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों कहा था कि चीनी मांझे से होने वाली मौतों को ‘महज दुर्घटना’ नहीं बल्कि ‘हत्या’ के बराबर गंभीर अपराध माना जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों को इसमें शामिल सभी लोगों उत्पादकों, विक्रेताओं और गोदाम संचालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

भाषा

सं, आनन्द रवि कांत