Avishwas Prastav Om Birla: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस ने लाया अविश्वास प्रस्ताव, सचिवालय को दिया नोटिस, 118 सांसदों ने किया साइन

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Avishwas Prastav Om Birla: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ कांग्रेस ने लाया अविश्वास प्रस्ताव, सचिवालय को दिया नोटिस, 118 सांसदों ने किया साइन

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  • Publish Date - February 10, 2026 / 02:06 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 02:23 PM IST

Avishwas Prastav Om Birla/Image Source: ANI

HIGHLIGHTS
  • लोकसभा में हंगामा
  • कांग्रेस ने स्पीकर बिरला के खिलाफ प्रस्ताव दिया
  • विपक्ष ने जताया विरोध

नई दिल्ली: Avishwas Prastav Om Birla:  लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को ”बोलने की इजाजत नहीं देने” तथा कांग्रेस की महिला सांसदों पर सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने के आरोपों पर विपक्ष ने अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंप दिया।

ओम बिरला के खिलाफ लाया अविश्वास प्रस्ताव (Om Birla No-Confidence Notice)

Avishwas Prastav Om Birla:  निचले सदन में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई, कांग्रेस के मुख्य सचेतक कोडिकुनिल सुरेश और सांसद मोहम्मद जावेद तथा अन्य ने लोकसभा सचिवालय को यह नोटिस सौंपा। नोटिस पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और कई अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।

Avishwas Prastav Om Birla:  संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है। बीते दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

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लोकसभा में ओम बिरला के खिलाफ नोटिस क्यों सौंपा गया?

A1: विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि लोकसभा में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी सांसदों को बोलने की अनुमति नहीं दी गई और महिला सांसदों के साथ अनुचित स्थिति बनाई गई। इस पर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए नोटिस सौंपा गया।

यह नोटिस किसके तहत दिया गया है?

A2: यह नोटिस संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत लोकसभा सचिवालय को सौंपा गया है, जो अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का कानूनी आधार प्रदान करता है।

नोटिस पर कौन-कौन हस्ताक्षर किए हैं?

A3: कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रमुक और अन्य विपक्षी दलों के 100 से अधिक सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने हस्ताक्षर नहीं किए।