उप्र:मितव्ययिता की मुहिम के तहत साइकिल, ई-रिक्शा और पैदल यात्रा पर जोर
उप्र:मितव्ययिता की मुहिम के तहत साइकिल, ई-रिक्शा और पैदल यात्रा पर जोर
लखनऊ, 15 मई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ईंधन बचत और मितव्ययिता के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पर्यावरण के अनुकूल आवागमन के साधन अपनाने की अनूठी पहल शुरू की है। साइकिल, ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर नेता-अधिकारी न सिर्फ खर्च घटा रहे हैं, बल्कि प्रदूषण कम करने का संदेश भी दे रहे हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है।”
यादव ने इसमें एक कार्टून भी साझा किया जिसमें मोदी को यह कहते दिखाया गया है, ‘‘पेट्रोल खर्च कम करें।’’
इसी कार्टून में सपा प्रमुख को साइकिल से चलते दिखाया गया जो कह रहे हैं,‘‘हमने तो पहले ही कहा है कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।’’
उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने पर जोर दे रही हैं।
इसी मुहिम में रामपुर से भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने व्यावहारिक कदम उठाते हुए रामपुर शहर में आवागमन के लिए तीन ई-रिक्शा खरीदे हैं। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि प्रत्येक ई-रिक्शा की कीमत 1.37 लाख रुपये है और इन्हें बुधवार को खरीदा गया।
ये ई-रिक्शा सौर ऊर्जा से चार्ज होते हैं और एक बार चार्ज करने पर लगभग नौ घंटे चलते हैं। सक्सेना ने कहा, “यह कदम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मितव्ययिता आह्वान का पालन करते हुए उठाया गया है।”
उन्होंने यह भी बताया कि पहले उनके काफिले में 7-8 वाहन होते थे, जिन्हें घटाकर अब केवल दो कर दिया गया है। लखनऊ आने-जाने में भी वे एक ही ई-वाहन का उपयोग करने का प्रयास करेंगे।
प्रदेश में मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बृहस्पतिवार को इस अभियान को जमीन पर उतारा। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना अपने सरकारी आवास से साइकिल चलाकर कार्यालय पहुंचे।
राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यालय जाने के लिए सार्वजनिक बस का सहारा लिया। लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान के निदेशक प्रो. राधा कृष्ण धीमान ने भी अपने आवास से संस्थान तक साइकिल चलाकर पर्यावरण अनुकूल परिवहन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संस्थान परिसर में साइकिल स्टैंड स्थापित करने की योजना है और संकाय सदस्यों, कर्मचारियों तथा छात्रों को वाहन के अनावश्यक उपयोग से बचने और पैदल या साइकिल का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
धीमान के अनुसार, वाहनों पर निर्भरता घटाने से पेट्रोलियम उत्पादों का संरक्षण होगा, वायु प्रदूषण में कमी आएगी और लोगों के स्वास्थ्य में सुधार होगा।
जिलों में भी अधिकारी इस मुहिम में पीछे नहीं रहे। बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह के साथ अपने आवास से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल गए। वाराणसी में महापौर अशोक कुमार तिवारी भी बृहस्पतिवार को अपने आवास से नगर निगम कार्यालय तक पैदल पहुंचे। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि नगर निगम की बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब प्रत्येक शनिवार को ‘ईंधन निषेध दिवस’ मनाया जाएगा।
सरकार के स्तर पर भी मितव्ययिता को लेकर सख्त निर्देश जारी हुए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य भर में सरकारी काफिलों में तत्काल 50 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया।
उन्होंने सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग, वर्चुअल बैठकों और घर से काम करने की व्यवस्था को बढ़ावा देने को कहा है।
यह पूरा अभियान उस पृष्ठभूमि में चल रहा है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा की रैली में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के आर्थिक प्रभावों का जिक्र करते हुए देशवासियों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद स्थगित करने और अनावश्यक विदेश यात्राएं टालने की अपील की थी। उनका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता पर महंगाई का बोझ कम करना है।
भाषा अरुणव आनन्द
मनीषा संतोष
संतोष

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