उप्र: फर्जी आईएएस अधिकारी की ठगी का शिकार हुआ परिवार, लाखों रुपये लूटकर हुआ फरार

उप्र: फर्जी आईएएस अधिकारी की ठगी का शिकार हुआ परिवार, लाखों रुपये लूटकर हुआ फरार

उप्र: फर्जी आईएएस अधिकारी की ठगी का शिकार हुआ परिवार, लाखों रुपये लूटकर हुआ फरार
Modified Date: March 22, 2026 / 10:29 pm IST
Published Date: March 22, 2026 10:29 pm IST

गोरखपुर, 22 मार्च (भाषा) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक व्यक्ति ने खुद को भारतीय प्रशासनिक अधिकारी (आईएएस) बताकर एक युवती से शादी की और दहेज में मिले लाखों रुपये ऐंठ कर फरार हो गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस ने दर्ज शिकायत के हवाले से बताया कि इटावा के रहने वाले प्रीतम कुमार निषाद ने एक ‘मैट्रिमोनियल ग्रुप’ पर अपनी पहचान आईएएस अधिकारी के तौर पर बतायी थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि गोरखपुर निवासी एक परिवार ने अपनी बेटी की शादी के लिये रिश्ता भेजा था और इसी महीने 11 मार्च को नंदनगर के एक बारात घर में उनकी शादी हुई थी।

पुलिस ने शिकायत के हवाले से बताया कि आरोप है कि निषाद ने वधु पक्ष को विश्वास में लेने के लिये अपने साक्षात्कार की कथित वीडियो क्लिप, कार्यालय के वीडियो और कुछ राजनेताओं के साथ अपनी तस्वीरें साझा की थीं।

पुलिस के मुताबिक, निषाद ने पहले तो बिना दहेज के शादी करने की बात कही थी लेकिन सगाई से कुछ ही दिन पहले उसने वधु पक्ष से 15 लाख रुपये की मांग की, जिस पर उसे सगाई के दिन 10 लाख और शादी के दिन पांच लाख रुपये दिये गये।

पुलिस ने बताया कि धोखाधड़ी तब सामने आई जब दुल्हन इटावा पहुंची और शक तब हुआ जब शादी में आए एक मेहमान ने वधु के परिवार को बताया कि निषाद कोई सरकारी अधिकारी नहीं है।

पुलिस के मुताबिक, जब दुल्हन के रिश्तेदार उसके बताए पते पर पहुंचे, तो उन्हें वहां एक किराए का कमरा मिला।

पुलिस ने बताया कि आरोपी निषाद और उसकी बहन फरार हो चुके थे।

पुलिस के मुताबिक, दुल्हन ने आरोप लगाया कि निषाद ने उसे गोवा ले जाकर कथित तौर पर बेचने की साजिश रची थी और उसके साथ गलत व्यवहार भी किया था।

पुलिस को शक है कि निषाद पहले भी कई शादियां कर चुका होगा।

पुलिस ने बताया कि इस मामले में कैंट थाने में शुक्रवार शाम को धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न और जालसाजी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किये जा रहे हैं।

भाषा सं. सलीम रवि कांत जितेंद्र

जितेंद्र


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