उप्र: पीलीभीत बाघ अभयारण्य में घायल मिली पांच वर्षीय बाघिन की उपचार के दौरान मौत
उप्र: पीलीभीत बाघ अभयारण्य में घायल मिली पांच वर्षीय बाघिन की उपचार के दौरान मौत
पीलीभीत, 26 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के पीलीभीत बाघ अभयारण्य (पीटीआर) के जंगल में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली पांच वर्षीय बाघिन की उपचार के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
पीलीभीत बाघ अभयारण्य के उपनिदेशक एवं प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से बाघिन की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि बाघिन का पोस्टमार्टम बरेली के इज्जतनगर स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) में होगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाघिन की मौत के कारणों को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बाघिन की मौत पुराने घाव, क्षेत्रीय संघर्ष या किसी अन्य कारण से हुई।
अधिकारी ने बताया कि वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में निगरानी भी बढ़ा दी है, ताकि अन्य वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, शनिवार तड़के करीब पांच बजे नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों ने पांच वर्षीय बाघिन को घायल अवस्था में देखा था और प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई थी कि वह किसी दूसरे बाघ के साथ क्षेत्रीय संघर्ष में घायल हुई थी।
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, बाघिन की हालत अत्यंत गंभीर थी और वह चलने-फिरने में असमर्थ होकर एक पेड़ की छांव में अचेत अवस्था में पड़ी मिली थी।
सूत्रों ने बताया कि उसके कान के अंदरूनी हिस्से के पास गहरा घाव था, जिसमें कीड़े पड़ चुके थे और अनुमान है कि वह कई दिनों से घायल अवस्था में जंगल में भटक रही थी।
सूत्रों के मुताबिक, वन्यजीव चिकित्सकों के उपचार के बावजूद बाघिन की हालत में सुधार नहीं हुआ और शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई।
भाषा सं आनन्द जितेंद्र
जितेंद्र

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